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पीएम मोदी का देशवासियों से आह्वान: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को बनाएं जन-जन का उत्सव, स्वतंत्रता दिवस संबोधन के लिए मांगे सुझाव

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस वर्ष भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ आगे बढ़ाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने आगामी 15 अगस्त के लाल किले से होने वाले अपने संबोधन के लिए नागरिकों से सुझाव और विचार साझा करने का आग्रह किया है।

रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कुछ ही सप्ताह बाद देश अपना स्वतंत्रता पर्व मनाएगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त हर भारतीय के लिए गर्व, कृतज्ञता और देशभक्ति का दिन है, क्योंकि इसी दिन उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया जाता है जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे हाथों में जो तिरंगा है, वह केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि भारत के संविधान के आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने पूरे देश को एक नई राष्ट्रीय भावना से जोड़ने का कार्य किया है। गांवों, कस्बों और शहरों में तिरंगे के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ा है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष भी अपने घरों पर पूरे सम्मान और गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर से नागरिक उनके भाषण के लिए सुझाव भेजते हैं। उन्होंने इस वर्ष भी लोगों से MyGov प्लेटफॉर्म पर अपने सुझाव साझा करने की अपील की और कहा कि उन्हें देशवासियों के विचारों का इंतजार रहेगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम केवल महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे शिक्षक भी थे जो बच्चों और युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देते थे।

प्रधानमंत्री ने आगामी गुरु पूर्णिमा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता हमारे प्रथम गुरु होते हैं और शिक्षक हमें ज्ञान का प्रकाश देते हैं। उन्होंने देशभर के सभी शिक्षकों और गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।