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झारखंड में छात्र आंदोलन तेज: विधानसभा घेराव मार्च पर पुलिस ने की वाटर कैनन की कार्रवाई, देवेंद्र नाथ महतो भी पहुंचे

रांची, 10 अगस्त 2026: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को एक बार फिर तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र रांची में विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

आंदोलन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और सोमवार को एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने स्ट्रेचर के सहारे विधानसभा घेराव मार्च में शामिल होने की बात कही।

सरकार ने JPSC की परीक्षाओं पर बड़ा फैसला लिया

छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार, 9 अगस्त को झारखंड सरकार और प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों के बीच करीब छह घंटे तक बातचीत हुई। सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा तथा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई।

सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच, आपराधिक पहलुओं की जांच के लिए CID कार्रवाई और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी सहमति जताई। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIT (ISM) धनबाद, IIM रांची और XLRI के प्रतिनिधियों वाली विशेषज्ञ समिति गठित करने की बात भी सामने आई है।

हालांकि छात्रों की एक प्रमुख मांग-JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना और कथित अनियमितताओं की CBI जांच-पर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सहमति नहीं बनी। इसी कारण छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।

JPSC के तीनों सदस्यों ने दिया इस्तीफा

इस बीच JPSC के तीनों मौजूदा सदस्यों-डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और डॉ. अनीमा हांसदा-ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यपाल ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है।

विधानसभा मार्च में क्या हुआ ?

सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी और बैरिकेड लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL से जुड़े कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल है।

देवेंद्र नाथ महतो का दावा-‘सरकार को हमारी मांगें माननी होंगी’

विधानसभा घेराव मार्च में शामिल देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि भूख हड़ताल के बावजूद वह आंदोलन में पहुंचे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर निर्णय लेने की अपील की और कहा कि वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

महतो ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में किसी तरह की हिंसा या रक्तपात से बचने की अपील भी की और सरकार से छात्रों की मांगों को सुनने का आग्रह किया।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध शुरू किया। इसके बाद आंदोलन का दायरा JPSC के साथ-साथ JSSC-CGL और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग तक पहुंच गया।

छात्र पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे पहले कहा था कि सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है और संवैधानिक दायरे में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

अभी सबसे बड़ा सवाल क्या है?

सरकार ने JPSC की कुछ परीक्षाओं को रद्द करने समेत कई मांगों पर कदम आगे बढ़ाया है, लेकिन JSSC-CGL को रद्द करने और CBI जांच की मांग अब भी आंदोलन का मुख्य विवादित मुद्दा बनी हुई है।

ऐसे में रांची का विधानसभा घेराव इस आंदोलन के अगले चरण का संकेत माना जा रहा है। फिलहाल छात्रों और सरकार के बीच बनी सहमति तथा असहमति वाले बिंदुओं पर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।