नई दिल्ली | 15 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग का बढ़ता खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गया है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक ढांचे और देश के प्रतिभाशाली शिक्षकों एवं शिक्षाविदों की मदद से युवाओं को घर से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।
कोचिंग का खर्च बना बड़ी चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोचिंग कक्षाओं के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी बोझ डाल रही है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि कई अभिभावकों को लगता है कि यदि उनका बच्चा कोचिंग सेंटर नहीं जाता, तो वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है, जिससे परिवारों पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त आर्थिक दबाव कम हो सके और युवाओं को अपने परिवार से दूर जाकर महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर न रहना पड़े।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए तैयारी की योजना
प्रधानमंत्री के अनुसार, देश के पास डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा मौजूद है और बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली शिक्षक एवं शिक्षाविद भी उपलब्ध हैं। इन्हीं संसाधनों का उपयोग करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है।
इसका संभावित लाभ उन विद्यार्थियों को सबसे अधिक मिल सकता है जो आर्थिक कारणों से महंगे निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते या छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में रहते हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन प्रतियोगी परीक्षाओं को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। सरकार की ओर से पात्रता, पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री, शिक्षकों की नियुक्ति, प्लेटफॉर्म और लॉन्च की तारीख से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
युवाओं को परिवार से दूर जाने की जरूरत न पड़े-PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने परिवार से दूर जाने और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की जरूरत कम होनी चाहिए।
इस पहल को इसी दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा है कि डिजिटल माध्यम के जरिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी को ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।
AI में 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने का भी लक्ष्य
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस तरह प्रतियोगी परीक्षा की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और AI स्किलिंग—दोनों घोषणाओं को युवाओं की शिक्षा, कौशल और रोजगार क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।
अभी विद्यार्थियों को क्या पता होना चाहिए?
फिलहाल विद्यार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मुफ्त कोचिंग की घोषणा हो चुकी है, लेकिन इसकी आवेदन प्रक्रिया या आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल की घोषणा अभी नहीं हुई है।
इसलिए किसी अनधिकृत वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट या फर्जी लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है। आधिकारिक प्रक्रिया सामने आने के बाद ही आवेदन या पंजीकरण किया जाना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घोषणा ?
भारत में UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, रक्षा, प्रवेश परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी कोचिंग पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर मुफ्त डिजिटल तैयारी की व्यवस्था होने से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय विद्यार्थियों के लिए तैयारी की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि इस पहल की वास्तविक पहुंच इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इसे किस स्तर पर लागू करती है, कितनी परीक्षाओं को शामिल करती है और विद्यार्थियों को किस प्रकार की अध्ययन सामग्री तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
हिंदी विंडो तथ्य-जांच नोट:
प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2026 को मुफ्त ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग का ऐलान किया है। लेकिन इस समय तक परीक्षा-वार सूची, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आधिकारिक पोर्टल और लॉन्च डेट की विस्तृत घोषणा उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन विवरणों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों से सावधान रहें।











