नगांव लोकसभा उपचुनाव में :
असम की नगांव सीट पर मतगणना के दौरान भाजपा उम्मीदवार को 1,89,260 वोट मिले। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल 1,14,760 मतों के साथ दूसरे और कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा 31,164 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अंतिम नतीजे की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद होगी।
नगांव, असम | 9 अक्टूबर 2026
असम की नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने मजबूत बढ़त बना रखी है। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:45 बजे उपलब्ध चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शर्मा को 1,89,260 वोट मिले थे। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल 1,14,760 मतों के साथ दूसरे स्थान पर थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा को 31,164 वोट मिले थे।
इन आंकड़ों के अनुसार, शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अजमल से 74,500 मतों से आगे थे। कांग्रेस उम्मीदवार इस समय तीसरे स्थान पर थे। हालांकि, मतगणना के दौरान जारी आंकड़ों और अंतिम परिणाम में अंतर संभव है। इसलिए इस चरण पर इसे भाजपा उम्मीदवार की बढ़त के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि औपचारिक रूप से घोषित जीत के रूप में।
नगांव सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
नगांव उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के बीच मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने इस सीट से देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस की ओर से सिबामोनी बोरा मैदान में थीं, जबकि AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी चुनाव लड़ा।
उपलब्ध मतगणना आंकड़ों में भाजपा उम्मीदवार की बढ़त दूसरे और तीसरे स्थान के उम्मीदवारों से स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अजमल और शर्मा के बीच मतों का अंतर 74,500 था। वहीं, शर्मा और कांग्रेस उम्मीदवार बोरा के बीच अंतर 1,58,096 वोट था। यह अंतर उस समय तक दर्ज मतों पर आधारित है और अंतिम गणना पूरी होने पर आधिकारिक आंकड़े बदल सकते हैं।

नगांव लोकसभा उपचुनाव 2026
क्यों खाली हुई नगांव लोकसभा सीट ?
इस उपचुनाव की पृष्ठभूमि में नगांव संसदीय क्षेत्र की रिक्त हुई सीट है। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई।
नगांव संसदीय सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहां अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रभाव और चुनावी समीकरण असम की व्यापक राजनीति से जुड़े हैं। भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के बीच मुकाबले को राज्य में राजनीतिक समर्थन के आकलन के लिहाज से भी देखा जा रहा है। फिर भी, किसी एक उपचुनाव के परिणाम से पूरे राज्य के मतदाताओं की राजनीतिक पसंद के बारे में व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
6 अक्टूबर को हुआ था मतदान
नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया गया था। चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और AIUDF सहित कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना 9 अक्टूबर को शुरू हुई।
मतगणना की प्रक्रिया में पहले डाक मतपत्रों की गणना की जाती है और उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में दर्ज मतों की गणना की जाती है। निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में मतगणना पूरी होने और निर्धारित प्रक्रियाएं संपन्न होने के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाता है।
चुनावी आंकड़ों को समझना क्यों जरूरी है ?
मतगणना के दौरान सामने आने वाले रुझान राजनीतिक तस्वीर का प्रारंभिक संकेत देते हैं, लेकिन वे अपने आप में अंतिम परिणाम नहीं होते। शुरुआती राउंड में किसी उम्मीदवार की बढ़त अधिक हो सकती है, जबकि बाद के राउंड में अंतर घट या बढ़ सकता है। इसी कारण चुनाव आयोग की आधिकारिक परिणाम वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम स्थिति और रिटर्निंग ऑफिसर की घोषणा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा की बढ़त मजबूत दिखाई दे रही थी। AIUDF के बदरुद्दीन अजमल दूसरे स्थान पर और कांग्रेस के सिबामोनी बोरा तीसरे स्थान पर थे। लेकिन अंतिम नतीजे की पुष्टि के लिए मतगणना की पूर्णता और आधिकारिक घोषणा का इंतजार आवश्यक है।
आगे क्या ?
नगांव उपचुनाव का अंतिम परिणाम यह स्पष्ट करेगा कि संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किस उम्मीदवार को मिलेगा। परिणाम घोषित होने के बाद मतों की कुल संख्या, जीत का अंतर और सभी उम्मीदवारों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सबसे सटीक निष्कर्ष यही है कि नगांव लोकसभा उपचुनाव की मतगणना में भाजपा के देवाशीष शर्मा आगे चल रहे थे। अंतिम परिणाम के संबंध में किसी भी दावे को निर्वाचन आयोग की नवीनतम आधिकारिक जानकारी से मिलान करने के बाद ही प्रकाशित किया जाना चाहिए।
हिंदी विंडो संपादकीय नोट: यह समाचार मतगणना के दौरान उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। अंतिम परिणाम घोषित होने पर खबर को अपडेट किया जाना है ।











