हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के लिए PM-RAHAT योजना के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य और सूचना विभाग को योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन ने अस्पतालों में PM-RAHAT योजना से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति और उसके परिजनों को अस्पताल पहुंचने के बाद योजना की जानकारी आसानी से मिल सके।
PM-RAHAT योजना क्या है ?
PM-RAHAT का पूरा नाम Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment है। केंद्र सरकार के अनुसार यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के लिए लागू की गई है।
योजना के तहत पात्र पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का उपचार कवर मिल सकता है। यह कवर दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि तक है।
किन लोगों को मिलेगा लाभ ?
मोटर वाहन के उपयोग से हुई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति, जिसे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है, योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार कैशलेस उपचार का लाभ ले सकता है।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार उपचार निर्धारित/ऑनबोर्ड अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है।
112 हेल्पलाइन क्यों महत्वपूर्ण है ?
आपात स्थिति में दुर्घटना स्थल से 112 पर संपर्क कर नजदीकी निर्धारित अस्पताल और एंबुलेंस सहायता की जानकारी ली जा सकती है। PM-RAHAT का उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती और महत्वपूर्ण समय में घायल व्यक्ति तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
हरिद्वार में प्रशासन ने क्या निर्देश दिए ?
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस, स्वास्थ्य और सूचना विभाग को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संबंधित अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निष्कर्ष
PM-RAHAT योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद इलाज में आर्थिक बाधा को कम करना और घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। हरिद्वार प्रशासन द्वारा अस्पतालों और आम जनता के बीच योजना की जानकारी पहुंचाने की पहल को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












