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उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार 2024-25: नरेंद्र सिंह नेगी और हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार 2024-25

उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार 2024 और 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी। नरेंद्र सिंह नेगी और हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान के लिए चुना गया।

देहरादून | 6 नवंबर 2026 | हिंदी विंडो न्यूज़ डेस्क

उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और सिनेमा से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2024 और 2025 के लिए चयनित फिल्मों एवं कलाकारों को फिल्म पुरस्कार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस घोषणा में प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान के लिए चुना जाना खास महत्व रखता है। अमर उजाला की 6 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सम्मानित कलाकारों को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

यह फैसला केवल दो कलाकारों के सम्मान तक सीमित नहीं है। उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां लोकभाषाएं, लोकगीत, पहाड़ी जीवन और क्षेत्रीय कहानियां सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हैं, वहां स्थानीय सिनेमा को प्रोत्साहन देने की नीति का व्यापक महत्व है। हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव इस बात से भी तय होगा कि पुरस्कारों के साथ स्थानीय फिल्म निर्माण, नए कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और क्षेत्रीय भाषाओं को कितने अवसर मिलते हैं।

नरेंद्र सिंह नेगी: लोकगीतों में उत्तराखंड की पहचान

नरेंद्र सिंह नेगी उत्तराखंड के प्रमुख लोकगायकों और गीतकारों में गिने जाते हैं। उनके रचनात्मक काम ने गढ़वाली लोकसंगीत को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके गीतों में पहाड़ का जीवन, सामाजिक बदलाव, रिश्ते, परंपराएं और आम लोगों के अनुभव जैसे विषय दिखाई देते हैं।

लोकसंगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होता। यह किसी क्षेत्र की भाषा, स्मृतियों और सामाजिक अनुभवों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का काम भी करता है। जब स्थानीय बोलियों में रचे गीत मंचों, रिकॉर्डिंग और डिजिटल माध्यमों के जरिए नए श्रोताओं तक पहुंचते हैं, तो भाषा और संस्कृति की उपस्थिति भी मजबूत होती है।

नरेंद्र सिंह नेगी को वर्ष 2024 के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए चुने जाने की खबर इसी सांस्कृतिक योगदान के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह सम्मान उनके लंबे रचनात्मक सफर को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने का अवसर है।

हेमंत पांडे: अभिनय के क्षेत्र में योगदान

वर्ष 2025 के लिए अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान के लिए चुना गया है। हेमंत पांडे हिंदी मनोरंजन जगत में अपने अभिनय कार्य के लिए पहचाने जाते हैं। उनका चयन उत्तराखंड से जुड़े कलाकारों के व्यापक रचनात्मक योगदान को राज्यस्तरीय सम्मान से जोड़ता है।

फिल्म और टेलीविजन में किसी कलाकार का सफर केवल पर्दे पर दिखाई देने वाली भूमिका तक सीमित नहीं होता। अभिनय के साथ अनुभव, चरित्रों की विविधता और लंबे समय तक काम करते रहने की क्षमता भी किसी कलाकार की पहचान बनाती है। लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे सम्मान सामान्यतः लंबे रचनात्मक योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से दिए जाते हैं।

हालांकि, इस पुरस्कार के लिए चयन समिति ने किन विशिष्ट उपलब्धियों या मानदंडों को आधार बनाया, इसका विस्तृत आधिकारिक विवरण उपलब्ध होने पर उसे अलग से जोड़ा जाना चाहिए।

फिल्म पुरस्कार 2024 और 2025 में किन फिल्मों का चयन हुआ ?

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुरस्कार सूची में उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों के साथ हिंदी फिल्मों को भी जगह दी गई है।

वर्ष 2024 की उत्तराखंडी बोली की फिल्म श्रेणी में गढ़वाली फिल्म ‘घपरोल’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। इसी फिल्म के लिए सिद्धार्थ शर्मा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और पटकथा लेखक तथा विनय चानना को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर के पुरस्कार के लिए चुने जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।

फिल्म ‘कारा एक प्रथा’ के लिए रमेश रावत को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, शिवानी भंडारी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और अजय सिंह बिष्ट को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के पुरस्कार के लिए चयनित बताया गया है। वहीं, जौनसारी फिल्म ‘मेरे गांव की बाट’ के लिए मधुबाला को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री और अजब सिंह को सर्वश्रेष्ठ गायक के पुरस्कार के लिए चुने जाने की जानकारी दी गई है।

वर्ष 2025 की हिंदी फिल्म श्रेणी में ‘मनु क्या करेगा’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए चुना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘केसरी चैप्टर-2’ को भी कई प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाने के लिए चयनित किया गया है। इनमें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और पटकथा लेखक के लिए करण सिंह त्यागी, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए अक्षय कुमार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अनन्या पांडे, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए आर. माधवन और सर्वश्रेष्ठ गायक के लिए जुबिन नौटियाल के नाम शामिल हैं।

वर्ष 2025 की उत्तराखंडी बोली की फिल्म श्रेणी में गढ़वाली फिल्म ‘रैबार’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुने जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इसी श्रेणी में ‘द्वि होला जब साथ’ के लिए मनीष डिमरी, कल्याणी गंगोला और विकास भारद्वाज के नाम क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ गायक की श्रेणियों में बताए गए हैं।

कितनी होगी पुरस्कार राशि ?

रिपोर्ट के अनुसार, लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान के लिए नरेंद्र सिंह नेगी और हेमंत पांडे को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। अन्य श्रेणियों के लिए पुरस्कार राशि अलग-अलग तय की गई है।

पुरस्कार श्रेणी रिपोर्ट में बताई गई राशि
लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान ₹2 लाख प्रति सम्मानित व्यक्ति
सर्वश्रेष्ठ फिल्म ₹2 लाख
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक ₹1.5 लाख
अभिनेता, अभिनेत्री, पटकथा लेखक, सहायक कलाकार, गायक और सिनेमैटोग्राफर जैसी श्रेणियां ₹1 लाख प्रति श्रेणी के चयनित विजेता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि निर्माता और निर्देशक को स्वर्ण ब्रह्मकमल के साथ प्रशस्ति पत्र तथा अन्य कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को रजत ब्रह्मकमल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। नामों का चयन निर्णायक मंडल की संस्तुति के आधार पर किया गया है।

क्षेत्रीय सिनेमा के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

उत्तराखंड में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी भाषाओं में फिल्म निर्माण स्थानीय कहानियों को दर्ज करने का एक माध्यम है। इन फिल्मों में पहाड़ के सामाजिक जीवन, पलायन, रोजगार, पारिवारिक रिश्तों, लोकविश्वासों और बदलते ग्रामीण परिवेश जैसे विषय सामने आ सकते हैं।

राज्य सरकार की फिल्म नीति-2024 भी स्थानीय भाषा की फिल्मों और फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने पर जोर देती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध नीति-संबंधी जानकारी के अनुसार, कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी फिल्मों के लिए लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम दो करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, किसी खास फिल्म को सहायता मिलना उसकी पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करता है।

फिल्म पुरस्कारों की उपयोगिता तब और बढ़ सकती है, जब इनके साथ स्थानीय सिनेमाघरों और स्क्रीनिंग अवसरों का विस्तार हो, लेखकों एवं तकनीशियनों को प्रशिक्षण मिले, फिल्मों की डिजिटल उपलब्धता बढ़े और नई प्रतिभाओं को अपनी भाषा में काम करने के लिए आर्थिक सहायता मिले।

आगे किन सवालों के जवाब जरूरी हैं ?

पुरस्कार प्रस्ताव को मंजूरी मिलना और पुरस्कारों का वास्तविक वितरण दो अलग चरण हो सकते हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में चयनित नामों और पुरस्कार राशि का विवरण है, लेकिन पुरस्कार समारोह की तारीख, स्थान, आधिकारिक आदेश की प्रति और सभी श्रेणियों की अंतिम सूची की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

इसलिए पाठकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि राज्य सरकार ने 2024 और 2025 के फिल्म पुरस्कारों के प्रस्ताव को मंजूरी दी है और नरेंद्र सिंह नेगी तथा हेमंत पांडे को अलग-अलग वर्षों के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान हेतु चुने जाने की रिपोर्ट सामने आई है। पुरस्कार समारोह और वितरण से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट की जानी चाहिए।

उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और सिनेमा के लिए यह पहल एक अवसर है—ऐसा अवसर, जो अनुभवी कलाकारों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को अपनी भाषा, अपनी कहानियों और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी फिल्में बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

स्रोत-आधारित संपादकीय नोट: लेख का पुरस्कार-संबंधी विवरण अमर उजाला की 6 नवंबर 2026 की रिपोर्ट और फिल्म नीति का संदर्भ उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। प्रकाशन से पहले सरकारी आदेश या संबंधित विभाग की आधिकारिक विज्ञप्ति से नामों, राशियों और समारोह की पुष्टि करना उचित होगा।

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