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खटीमा में ₹7.23 करोड़ की नई गौशाला का लोकार्पण, ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास; धामी ने गौशाला विस्तार की भी घोषणा

खटीमा में ₹7.23 करोड़ की नई गौशाला का लोकार्पण

खटीमा में ₹7.23 करोड़ की नई गौशाला का लोकार्पण, ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास

हल्दीघेरा में नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन; राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किमी सड़क के उच्चीकरण पर ₹34.44 करोड़ खर्च होंगे।

खटीमा/ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के हल्दीघेरा में नवनिर्मित गौशाला का 24 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया। उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस गौशाला के निर्माण पर ₹7.23 करोड़ की लागत आई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में जिन विकास कार्यों का उल्लेख किया गया, उनमें राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किलोमीटर सड़क के उच्चीकरण का कार्य प्रमुख है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹34.44 करोड़ है। यह सड़क परियोजना खटीमा और आसपास के क्षेत्र में सड़क संपर्क तथा अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़ी योजनाओं में शामिल है।

जरूरत के अनुसार गौशाला के विस्तार की घोषणा

मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा की गौशाला के भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार किए जाने की घोषणा की। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विस्तार का उद्देश्य अधिक संख्या में निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार के अनुसार, सड़कों पर खुले में घूमने वाले निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में आश्रय मिलने से उनकी देखभाल के साथ-साथ किसानों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सकती है। सरकार ने यह भी कहा कि सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में ऐसे आश्रय केंद्रों की भूमिका हो सकती है।

राज्य में 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में ग्राम्य गौ सेवक योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए जाने की जानकारी दी।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। यह जानकारी राज्य में गौ संरक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के रूप में दी गई है।

गौ संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण को केवल आश्रय उपलब्ध कराने तक सीमित रखने के बजाय गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयासों का भी उल्लेख किया। सरकारी जानकारी के मुताबिक, बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं।

इस पहल का व्यापक उद्देश्य पशुधन से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देना और उन्हें ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना बताया गया है। हालांकि, इन ग्रोथ सेंटरों की क्षमता, निवेश, उत्पादन या रोजगार पर इस प्रेस विज्ञप्ति में अलग से आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए इन पहलुओं के बारे में अतिरिक्त दावे इस समाचार में शामिल नहीं किए गए हैं।

सड़क, शिक्षा और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि खटीमा सहित पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना प्राथमिकता बताया गया।

24 सितंबर के कार्यक्रम में घोषित ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का विवरण आधिकारिक विज्ञप्ति में समग्र राशि के साथ दिया गया है, जबकि प्रमुख रूप से राज्य मार्ग-70 की 13.60 किलोमीटर सड़क के उच्चीकरण की परियोजना का उल्लेख किया गया है। इस परियोजना की लागत ₹34.44 करोड़ बताई गई है।

गौ संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं का दोहरा मुद्दा

हल्दीघेरा गौशाला का लोकार्पण ऐसे समय में महत्वपूर्ण स्थानीय प्रशासनिक विषय के रूप में सामने आता है, जब निराश्रित गोवंश का प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी और राजमार्ग क्षेत्रों में भी सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। गौशाला में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने का उद्देश्य पशुओं की देखभाल और सड़कों पर उनकी मौजूदगी से उत्पन्न संभावित जोखिमों को कम करना है।

वहीं, गौशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त क्षमता, नियमित देखभाल, चारा, पशु चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और निरंतर वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहती है। हल्दीघेरा गौशाला के संबंध में आधिकारिक विज्ञप्ति में वर्तमान क्षमता, संचालन व्यवस्था और प्रति पशु व्यय जैसे विस्तृत आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर यह कार्यक्रम 24 सितंबर 2026 की नवीनतम प्रेस विज्ञप्तियों में दर्ज है।

CM DHAMI

हिंदी विंडो के लिए मुख्य तथ्य: हल्दीघेरा, खटीमा में ₹7.23 करोड़ की गौशाला का लोकार्पण, ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास, ₹34.44 करोड़ की 13.60 किलोमीटर सड़क परियोजना, राज्य में 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को गौ सदनों में आश्रय और 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित किए जाने की जानकारी सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।