हिंदी विंडो

हिंदी में दुनिया, दुनिया में हिंदी…!

Advertisement

₹50 हजार रिश्वत लेते महिला SHO गिरफ्तार : कैमरे के सामने बोलीं- “ऑल इज वेल… बोल्ड रहना चाहिए”; वीडियो वायरल

₹50 हजार रिश्वत लेते महिला SHO गिरफ्तार

₹50 हजार रिश्वत लेते महिला SHO गिरफ्तार : गिरफ्तारी के बाद बोलीं- “ऑल इज वेल”, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

मोगा/चंडीगढ़। पंजाब के मोगा जिले से पुलिस विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने गिरफ्तारी के बाद सामने आए एक वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर भी चर्चा बटोरी है। कोट ईसे खां थाने की SHO इंस्पेक्टर सुनीता बावा और उनके साथ तैनात होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को विजिलेंस ब्यूरो ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिस अधिकारी का कैमरे के सामने दिया गया जवाब अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, मामला नशीले पदार्थों से जुड़े एक केस से शुरू हुआ। कोट ईसे खां पुलिस ने हाल में खोसा रणधीर गांव के एक व्यक्ति को नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इसी मामले का हवाला देकर SHO सुनीता बावा ने नूरपुर हकीमियां गांव के रहने वाले राजविंदर सिंह को कथित रूप से नशा तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, इस मामले में पहले भी 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे और इसके बाद दोबारा 50 हजार रुपये की मांग की गई।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, फिरोजपुर रेंज की इंस्पेक्टर गगनदीप कौर के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। शनिवार रात करीब 9 बजे जीरा रोड पर सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते SHO सुनीता बावा और होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को गिरफ्तार किया गया।

विजिलेंस ब्यूरो ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिला अधिकारी पहले से ही विजिलेंस की निगरानी में थीं। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में जांच, साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की स्थिति तय होगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में गिरफ्तारी के बाद महिला SHO पत्रकारों के सवालों का जवाब देती दिखाई दे रही हैं। जब उनसे मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर “ऑल इज वेल” कहा। रिश्वत के आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने जेल से जुड़े एक नए मॉड्यूल का उल्लेख करते हुए कहा कि देखते हैं क्या होता है।

वीडियो में जब उनसे पूछा गया कि ऐसी परिस्थिति में भी वह मुस्कुरा कैसे रही हैं, तो रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि “बोल्ड रहना चाहिए” और उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं। उन्होंने उम्मीद अच्छी रखने की बात भी कही। गिरफ्तारी के बाद दिए गए इन कथित बयानों का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गिरफ्तारी केवल वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई कथित रिश्वत लेन-देन से संबंधित शिकायत और ट्रैप ऑपरेशन के आधार पर हुई बताई गई है। इसलिए इस मामले में वायरल वीडियो की तुलना में जांच और न्यायिक प्रक्रिया अधिक महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रहा है। मामले में रिश्वत लेने के आरोपों की जांच जारी है। जब तक अदालत की ओर से अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

हिंदी विंडो की जिम्मेदार रिपोर्टिंग: इस खबर में “कथित”, “आरोप” और “रिपोर्ट के अनुसार” जैसे शब्द इसलिए इस्तेमाल किए गए हैं क्योंकि मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पाठकों को वायरल वीडियो और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं के बजाय आधिकारिक जांच तथा न्यायिक कार्रवाई के परिणाम को अंतिम आधार मानना चाहिए।