शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा :
हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई; 100 से ज्यादा FIR दर्ज, UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है !
नई दिल्ली। भारत में सीमा-पार आतंकवाद और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा अपडेट दिया है। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘PRAHAAR – Counter Terrorism Policy and Strategy’ सम्मेलन में अमित शाह ने बताया कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 40 से अधिक मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया है। इस कार्रवाई में 15 राज्यों में 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया और नेटवर्क के खिलाफ 100 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं।
अमित शाह के मुताबिक, सुरक्षा और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के चलते शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ यह कार्रवाई संभव हुई। सरकार के अनुसार, यह नेटवर्क सीमा-पार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
15 राज्यों में कार्रवाई
शाह के अनुसार, नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के 15 राज्यों तक इसका विस्तार हुआ। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियों ने नेटवर्क की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की पहचान के लिए बहु-राज्यीय स्तर पर कार्रवाई की।
इससे पहले अगस्त 2026 में सुरक्षा एजेंसियों ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की थी। उस समय 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने और 80 से अधिक FIR तथा 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई थी। उस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में कार्रवाई की गई थी।
अगस्त की कार्रवाई में एजेंसियों ने IED, पिस्टल, जिंदा कारतूस, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV उपकरण बरामद किए जाने की जानकारी भी दी थी।
सितंबर में आतंकवादी संगठन घोषित
शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम 16 सितंबर 2026 को सामने आया था। गृह मंत्रालय ने घोषणा की थी कि नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क पर सीमा-पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा युवाओं तथा छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर उकसाने के आरोप हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा डिजिटल माध्यमों के जरिए भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को निशाना बनाने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
PRAHAAR रणनीति पर जोर
अमित शाह ने इसी सम्मेलन में भारत की आगामी आतंकवाद-रोधी रणनीति के लिए ‘PRAHAAR’ ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। इस रणनीति में सात प्रमुख स्तंभ बताए गए हैं—Prevention यानी रोकथाम, Response यानी प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं को मजबूत करना, Human Rights यानी मानवाधिकार, आतंकवाद के लिए अनुकूल परिस्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ समन्वय तथा Recovery & Resilience यानी पुनर्प्राप्ति और लचीलापन।
गृह मंत्री ने कहा कि इस रणनीति को केवल केंद्रीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय पुलिस थाने के स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए स्वचालित और संस्थागत प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के साथ 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-टेरर स्क्वॉड के प्रमुख शामिल हुए। अन्य राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
288 भगोड़ों को विदेश से वापस लाने का दावा
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाए जाने की जानकारी भी दी। इसी क्रम में उन्होंने एक नए Extradition Portal की शुरुआत की। इसका उद्देश्य विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और प्रक्रिया को तेज करना है।
शाह ने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए समर्पित टीमें बनाने का भी आह्वान किया।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ हुई कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि जांच एजेंसियों ने इसे बहु-राज्यीय स्तर पर लिया है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उनके खिलाफ मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अंतिम दोषसिद्धि या व्यक्तिगत अपराध की जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
भारत सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की नीति पर जोर दिया है। आने वाले समय में शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में जांच, आरोपपत्र, अदालतों में सुनवाई और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से इस कार्रवाई की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।












