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उत्तराखंड का पहला ESIC मेडिकल कॉलेज खुलेगा हरिद्वार में : हर बैच में 50 MBBS सीटें; मौजूदा ESIC अस्पताल के ढांचे का होगा इस्तेमाल

उत्तराखंड का पहला ESIC मेडिकल कॉलेज खुलेगा हरिद्वार में 
उत्तराखंड का पहला ESIC मेडिकल कॉलेज खुलेगा हरिद्वार में  :

ESIC ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी; 30 जून की ESIC बैठक के फैसले के क्रम में मिली स्वीकृति, CM पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का जताया आभार !

देहरादून/हरिद्वार, 2 अक्टूबर 2026। हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान जुड़ने जा रहा है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ESIC ने हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बैच में 50 MBBS विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज की शुरुआत हरिद्वार स्थित मौजूदा ESIC अस्पताल के उपलब्ध बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करते हुए किए जाने की योजना है।

उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अनुसार, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मिली मंजूरी 30 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित ESIC मुख्यालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम की 198वीं बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में प्रदान की गई है। यानी कॉलेज की स्थापना का निर्णय किसी नए प्रस्ताव की तत्काल घोषणा भर नहीं है, बल्कि यह ESIC की औपचारिक निर्णय प्रक्रिया के बाद आगे बढ़ाया गया कदम है।

इस निर्णय के बाद हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के लिए एक नया अवसर तैयार होगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज को शुरू करने के लिए मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नई चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य अवसंरचना को शैक्षणिक और चिकित्सकीय जरूरतों के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

50 MBBS सीटों से होगी शुरुआत

प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में हर बैच में 50 MBBS विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि कॉलेज की शुरुआती स्वीकृत क्षमता प्रति बैच 50 मेडिकल विद्यार्थियों की होगी। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में अभी कॉलेज के संचालन की सटीक शुरुआत की तारीख, प्रवेश प्रक्रिया की समय-सारणी या NEET-UG काउंसलिंग से संबंधित विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन बिंदुओं को फिलहाल भविष्य की आधिकारिक घोषणाओं के लिए छोड़ना उचित होगा।

हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का असर केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का संयोजन आम तौर पर चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच संस्थागत संबंध मजबूत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस परियोजना के वास्तविक स्वास्थ्य-सेवा प्रभाव का आकलन कॉलेज के संचालन, उपलब्ध विशेषज्ञता, मरीजों की सेवाओं और अन्य सुविधाओं के विकसित होने के बाद ही किया जा सकेगा।

मौजूदा ESIC अस्पताल के संसाधनों का उपयोग

सरकार की ओर से जारी जानकारी का एक प्रमुख बिंदु यह है कि मेडिकल कॉलेज को हरिद्वार के मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए शुरू किया जाएगा। इससे पहले से उपलब्ध स्वास्थ्य-सुविधाओं और संसाधनों को मेडिकल शिक्षा से जोड़ने का रास्ता तैयार होता है। आधिकारिक बयान में इसे उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों के प्रभावी उपयोग और चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय से जोड़ा गया है।

स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टिंग में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि कॉलेज की शुरुआत मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए की जाएगी और शुरुआती प्रवेश क्षमता 50 MBBS सीट प्रति बैच होगी।

मुख्यमंत्री ने जताया आभार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और युवाओं को MBBS शिक्षा के लिए एक अतिरिक्त संस्थान उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे क्षेत्र की चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा परिदृश्य में नया अध्याय

हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की मंजूरी ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेज का महत्व इस लिहाज से भी है कि इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा के लिए उपलब्ध संस्थागत विकल्प बढ़ेंगे।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। 50 MBBS सीटों की स्वीकृत क्षमता को सीधे तौर पर 50 नए डॉक्टरों के तत्काल तैयार होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। MBBS शिक्षा कई वर्षों की प्रक्रिया है और इसके बाद इंटर्नशिप तथा अन्य निर्धारित आवश्यकताएं पूरी करनी होती हैं। इसलिए इसका वास्तविक मानव संसाधन प्रभाव भविष्य में दिखाई देगा।

इसी तरह, मेडिकल कॉलेज की मंजूरी का अर्थ यह भी नहीं है कि सभी अकादमिक और क्लीनिकल सुविधाएं पहले दिन से पूरी तरह संचालित होंगी। कॉलेज के संचालन से जुड़े विस्तृत मानक, प्रवेश प्रक्रिया, अकादमिक सत्र, फैकल्टी और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में संबंधित संस्थाओं की आगामी आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

क्या है फिलहाल पक्की जानकारी ?

उपलब्ध सरकारी और विश्वसनीय रिपोर्टिंग के आधार पर फिलहाल चार प्रमुख तथ्य स्पष्ट हैं—

  • हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी मिली है।
  • प्रत्येक बैच में 50 MBBS विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
  • कॉलेज की शुरुआत मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके की जाएगी।
  • मंजूरी का संबंध 30 जून 2026 को हुई ESIC की 198वीं बैठक में लिए गए निर्णय से है।

कॉलेज के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, पहली प्रवेश प्रक्रिया की तारीख और विस्तृत अकादमिक/प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।

हरिद्वार में इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना से एक ओर जहां मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा ESIC स्वास्थ्य ढांचे के साथ चिकित्सा शिक्षा को जोड़ने का अवसर भी बनेगा। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इसकी वास्तविक क्षमता और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव अधिक स्पष्ट होगा।