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ऋषिकेश में 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज, विनोद डिमरी शास्त्री बोले—“छिछोरापन नहीं, मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभाएं”

“छिछोरापन” से लेकर “बरसाती मेंढक” तक
ऋषिकेश में 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज :

“छिछोरापन” से लेकर “बरसाती मेंढक” तक… ऋषिकेश की राजनीति पर विनोद डिमरी शास्त्री के बयान से गरमाई चर्चा !

भाजपा नेता ने कांग्रेस के दावों पर साधा निशाना, चुनावी मौसम में सक्रिय होने वाले नेताओं को “बरसाती मेंढक” बताया; साथ ही कहा—2027 में भाजपा जिसे टिकट देगी, उसके साथ मजबूती से काम करेंगे !!

 ‘हिंदी विंडो‘ लोकल डेस्क (Local Desk)

ऋषिकेश। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता और संभावित दावेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में भाजपा से जुड़े नेता विनोद डिमरी शास्त्री का एक इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उन्होंने ऋषिकेश के विकास, मौजूदा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल, कांग्रेस के आरोपों, भाजपा की संभावित दावेदारी और चुनावी रणनीति से जुड़े कई सवालों पर अपनी बात रखी।

इंटरव्यू में विनोद डिमरी शास्त्री से ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता और दावेदारी को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऋषिकेश को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना है और इसका संबंध उनके पुराने संकल्प से है। उनके मुताबिक, जब वह 12वीं कक्षा में थे, तब त्रिवेणी घाट पर उन्होंने मां गंगा के सामने एक संकल्प लिया था और अब उन्हें लगता है कि उस संकल्प को पूरा करने का समय आ गया है। इसी कारण उन्होंने ऋषिकेश विधानसभा से अपनी दावेदारी पेश की है। Pasted text

विकास पर क्या बोले ?

ऋषिकेश में पिछले तीन कार्यकाल से भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल और विकास को लेकर सवाल पूछे जाने पर डिमरी शास्त्री ने मौजूदा विधायक के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक ने अच्छे काम किए हैं, हालांकि कुछ काम अधूरे हैं और कुछ समस्याएं अब भी मौजूद हैं। उन्होंने विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था, श्यामपुर फाटक, रेलवे क्रॉसिंग, सड़कों की स्थिति और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं का उल्लेख किया।

यहां उनका बयान ऋषिकेश की स्थानीय समस्याओं पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन और छुट्टियों के दौरान ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है और रेलवे क्रॉसिंग की आवश्यकता महसूस होती है। साथ ही उन्होंने बारिश के दौरान कुछ सड़कों पर जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या का भी जिक्र किया।

वहीं, ऋषिकेश के मौजूदा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल की गतिविधियों को लेकर हाल की स्वतंत्र रिपोर्टिंग में सड़क, सीवर, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है। सितंबर 2026 की रिपोर्टिंग में गुमानीवाला क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य कार्यों की घोषणाओं का भी उल्लेख है।

“छिछोरापन” वाले बयान का वास्तविक संदर्भ क्या है ?

वीडियो के शीर्षक में सवाल किया गया है कि “विनोद डिमरी ने किसे कहा छिछोरा ?” लेकिन उपलब्ध पूर्ण ट्रांसक्रिप्ट में तस्वीर कुछ अलग है।

कांग्रेस नेताओं द्वारा ऋषिकेश के विकास पर सवाल उठाने और पूर्व में दिए गए “टीन के चश्मे” वाले बयान के संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर विनोद डिमरी शास्त्री ने कहा कि विपक्ष का कर्तव्य सरकार को सही रास्ते पर ले जाना और मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभाना है। इसी जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्ष को “छिछोरापन” नहीं करना चाहिए।

अर्थात उन्होंने किसी व्यक्ति को सीधे “छिछोरा” नहीं कहा है। उन्होंने “छिछोरापन” शब्द का इस्तेमाल विपक्ष की कथित राजनीतिक शैली के संदर्भ में किया।

“बरसाती मेंढक” किसके लिए ?

इंटरव्यू के आगे के हिस्से में जब उनसे भाजपा के संभावित दावेदारों और 2027 के चुनाव को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता चुनाव के समय ही जनता के बीच नहीं जाता।

इसके बाद उन्होंने कहा कि “ये लोग अभी बरसाती मेंढकों की तरह कूद रहे हैं” और समझाया कि जैसे बरसात के समय मेंढक सक्रिय दिखाई देते हैं, वैसे ही चुनाव नजदीक आने पर कुछ लोग मुद्दे उठाने लगते हैं।

यहां भी उन्होंने किसी एक व्यक्ति का नाम लेकर “बरसाती मेंढक” नहीं कहा। उनके कथन का तत्काल संदर्भ चुनाव के करीब सक्रिय होने वाले “इन लोगों” से था।

भाजपा की टिकट दावेदारी पर स्पष्ट बयान

इंटरव्यू में उनसे भाजपा के कई संभावित दावेदारों के नामों का उल्लेख करते हुए पूछा गया कि यदि उन्हें टिकट मिलता है तो क्या वह ऋषिकेश सीट को भाजपा के पक्ष में बनाए रखने के लिए काम करेंगे।

इसके जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान देना जानती है और जिस भी व्यक्ति को पार्टी चुनाव चिह्न देगी, भाजपा कार्यकर्ता उसके साथ मजबूती से खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्वयं टिकट मिले, यह जरूरी नहीं; मौजूदा विधायक को दोबारा टिकट मिले तो भी उन्हें आपत्ति नहीं होगी।

यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कम-से-कम इतना स्पष्ट होता है कि विनोद डिमरी शास्त्री स्वयं ऋषिकेश विधानसभा से दावेदारी की बात कर रहे हैं, लेकिन वह पार्टी के आधिकारिक टिकट को लेकर अंतिम निर्णय अपने हाथ में नहीं बता रहे।

2022 के विधानसभा चुनाव में ऋषिकेश सीट से भाजपा के प्रेमचंद अग्रवाल विजयी हुए थे। निर्वाचन परिणामों के अनुसार उन्हें 52,460 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के जयेंद्र चंद रमोला 33,403 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।

इसलिए 2027 के चुनावी संदर्भ में ऋषिकेश में भाजपा के भीतर संभावित दावेदारी की चर्चा को वर्तमान राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन किसे टिकट मिलेगा, यह अभी घोषित तथ्य नहीं है।

विनोद डिमरी शास्त्री का विजन

इंटरव्यू में उन्होंने भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन, बाईपास, त्रिवेणी घाट क्षेत्र की व्यवस्था, महिलाओं के स्वरोजगार, युवाओं के लिए कौशल विकास, नशे से बचाव और ग्रामीण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज जैसी योजनाओं को अपनी प्राथमिकता बताया।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़, खेतों को होने वाले नुकसान, हाथियों की समस्या, नालियों और जलनिकासी तथा गंगा में दूषित पानी जाने से रोकने जैसे मुद्दों पर भी काम करने की बात कही।

निष्कर्ष

इस इंटरव्यू का राजनीतिक संदेश दो स्तरों पर दिखाई देता है। पहला, विनोद डिमरी शास्त्री ने ऋषिकेश विधानसभा से अपनी दावेदारी स्पष्ट रूप से स्वीकार की है। दूसरा, उन्होंने कांग्रेस और चुनाव के समय सक्रिय होने वाले राजनीतिक समूहों पर तीखी टिप्पणी की है।

हालांकि “छिछोरा” और “बरसाती मेंढक” जैसे शब्दों को किसी एक व्यक्ति के नाम से जोड़ना सही नहीं होगा। इसे कांग्रेस/विपक्ष और चुनावी समय में सक्रिय होने वाले नेताओं पर की गई टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत किया जाए।

साथ ही, यह भी स्पष्ट रखना होगा कि विनोद डिमरी शास्त्री की दावेदारी उनके स्वयं के बयान में सामने आई है; भाजपा की ओर से उन्हें 2027 के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किए जाने की बात इस सामग्री से साबित नहीं होती।