द्वारका के सेक्टर-10 में आयोजित दशहरा समारोह में राष्ट्रपति के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी हुईं शामिल; भगवान राम के आदर्शों और नैतिक मूल्यों पर दिया गया जोर।
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026 | हिंदी विंडो न्यूज़ डेस्क
देश में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित दशहरा समारोहों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित श्री रामलीला समिति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक तरीके से तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में किया गया।
डीडी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा भी मौजूद रहे।
रावण दहन से पहले राम परिवार की आरती
समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रावण दहन से पहले मंच पर विराजमान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की आरती उतारी तथा पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है। उन्होंने रामलीला की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और विदेश के अनेक स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग भगवान राम की कथा और उससे जुड़े आदर्शों को याद करते हैं।
भगवान राम के आदर्शों और नैतिक मूल्यों पर जोर
विजयादशमी भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। रामायण की परंपरा में यह दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय से जुड़ा है। इसके माध्यम से सत्य, न्याय, कर्तव्य और नैतिक आचरण जैसे मूल्यों को याद किया जाता है।
राष्ट्रपति के संदेश में भी इन मूल्यों पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति सचिवालय की 19 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, द्रौपदी मुर्मु ने विजयादशमी को धर्म और न्याय की अधर्म तथा अन्याय पर विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने नागरिकों से सांस्कृतिक परंपराओं के श्रेष्ठ आदर्शों को अपनाने और समावेशी समाज तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी दिया संदेश
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी विजयादशमी के महत्व पर अपने विचार रखे। डीडी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और न्याय की अन्याय पर विजय को इस पर्व का प्रमुख संदेश बताया।
मुख्यमंत्री ने भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में दिखाई देने वाली बुराइयों को दूर करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रेम और सद्भाव के माध्यम से देश के भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।
दशहरा: परंपरा से सामाजिक मूल्यों तक
दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में यह पर्व आत्ममंथन, नैतिकता और अपने आचरण को बेहतर बनाने की प्रेरणा से भी जुड़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे विभिन्न परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।
रामलीला, पूजा-अर्चना और रावण दहन जैसे आयोजन पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृतियों को जीवित रखते हैं। इस अवसर पर दिए जाने वाले संदेश सत्य, न्याय, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हैं।
दिल्ली के द्वारका में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति की भागीदारी और पारंपरिक रावण दहन इसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहे।
निष्कर्ष
विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली के दशहरा समारोह में भाग लेकर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में भगवान राम के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और न्याय की महत्ता पर जोर दिया गया।
इस पर्व का व्यापक संदेश यही है कि समाज और व्यक्तिगत जीवन में सत्य, न्याय, कर्तव्य और सद्भाव को महत्व दिया जाए।
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