माता साहिब हासी देवी: रायपुर में आयोजित समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहे मौजूद • सिक्के पर 1826–2026 और शदाणी दरबार की पहचान अंकित
हिंदी विंडो न्यूज़ डेस्क
रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पूज्य माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में ₹200 का स्मारक सिक्का जारी किया। यह समारोह लोक भवन, रायपुर में आयोजित हुआ। इस पहल के माध्यम से सिंधी समाज की आध्यात्मिक परंपरा और शदाणी दरबार से जुड़ी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने 21 अक्टूबर को जारी अपनी विज्ञप्ति में इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। अगले दिन आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सिंधी समाज के प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
कौन थीं माता साहिब हासी देवी ?
पूज्य माता साहिब हासी देवी जी का नाम रायपुर स्थित शदाणी दरबार की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें इस ऐतिहासिक धार्मिक संस्थान की पाँचवीं पीठाधीश के रूप में जाना जाता है। शदाणी दरबार सिंधी समुदाय के लिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उनकी 200वीं जयंती पर जारी स्मारक सिक्का इस विरासत को याद करने का अवसर प्रदान करता है। यह केवल एक मुद्रा नहीं, बल्कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व की स्मृति को संरक्षित करने का माध्यम भी है। ऐसे स्मारक सिक्कों के जरिए नई पीढ़ी को देश के विभिन्न समुदायों, उनकी परंपराओं और सांस्कृतिक योगदान से परिचित कराने में मदद मिल सकती है।
हालाँकि, माता साहिब हासी देवी के जन्मस्थान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और जीवन की प्रमुख घटनाओं के बारे में विस्तृत ऐतिहासिक विवरण प्रस्तुत करने के लिए शदाणी दरबार के अभिलेखों और प्रमाणित जीवनी जैसे प्राथमिक स्रोतों का अध्ययन जरूरी है।
कैसा है ₹200 का स्मारक सिक्का ?
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 9 जुलाई 2026 को राजपत्र अधिसूचना G.S.R. 606(E) के माध्यम से इस सिक्के के निर्माण और डिजाइन संबंधी नियम अधिसूचित किए थे।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सिक्के की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

₹200 स्मारक सिक्का पूज्य माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती 1826–2026
अंकित मूल्य
₹200
वजन
35 ग्राम
व्यास
44 मिलीमीटर
धातु संरचना
50% चाँदी
शेष मिश्रधातु: 40% ताँबा, 5% निकेल और 5% जस्ता।
सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष, ‘सत्यमेव जयते’, ‘भारत’, ‘INDIA’ और ₹200 का मूल्यवर्ग अंकित है। दूसरी तरफ माता साहिब हासी देवी की छवि के साथ उनका नाम हिंदी और अंग्रेजी में दिया गया है। डिजाइन में ‘200वीं जयंती’, ‘200TH BIRTH ANNIVERSARY’ और 1826 तथा 2026 वर्ष भी शामिल हैं। निचले हिस्से में शदाणी दरबार तीर्थ, रायपुर की पाँचवीं पीठाधीश के रूप में उनकी पहचान दर्ज है।
इस तरह सिक्के की डिजाइन में राष्ट्रीय प्रतीक और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, दोनों को स्थान दिया गया है।
राष्ट्रपति की छत्तीसगढ़ यात्रा का सांस्कृतिक संदर्भ
राष्ट्रपति मुर्मु की छत्तीसगढ़ यात्रा 22 और 23 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित थी। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, रायपुर में सिक्का जारी करने के अलावा उन्हें नुआखाई पर्व के अवसर पर ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रमों में शामिल होना था। 23 अक्टूबर को उन्हें जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अवसर पर मुरिया दरबार और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।
ये कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की विविध सांस्कृतिक और सामुदायिक परंपराओं के महत्व को सामने लाते हैं। माता साहिब हासी देवी के सम्मान में सिक्का जारी किया जाना इसी व्यापक सांस्कृतिक संदर्भ का हिस्सा है।
स्मारक सिक्का कैसे प्राप्त करें ?
इच्छुक श्रद्धालु और सिक्का संग्रहकर्ता खरीद संबंधी जानकारी के लिए शदाणी दरबार की अधिकृत इकाइयों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट India Government Mint पर भी संबंधित उत्पाद की जानकारी उपलब्ध है।
आधिकारिक उत्पाद पृष्ठ: माता साहिब हासी देवी स्मारक सिक्का — India Government Mint। जाँच के समय इस पृष्ठ पर प्रूफ फोल्डर का मूल्य ₹7,926 प्रदर्शित था। यह ₹200 अंकित मूल्य से अलग उत्पाद मूल्य है; खरीदने से पहले वर्तमान कीमत, उपलब्धता और शिपिंग शर्तें देखें।
विरासत को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान
भारत की सांस्कृतिक पहचान अनेक धार्मिक, भाषायी और सामुदायिक परंपराओं से मिलकर बनी है। ऐसी परंपराओं से जुड़े व्यक्तित्वों के सम्मान में जारी स्मारक सिक्के इतिहास को संरक्षित करने और उनके योगदान पर सार्वजनिक चर्चा को प्रोत्साहित करने का माध्यम बन सकते हैं।
माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर जारी यह सिक्का सिंधी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। साथ ही, यह देश की विविध आध्यात्मिक परंपराओं को व्यापक समाज के सामने लाने का अवसर भी प्रदान करता है।
हिंदी विंडो का निष्कर्ष: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जारी ₹200 का स्मारक सिक्का माता साहिब हासी देवी की स्मृति और शदाणी दरबार की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर का ऐतिहासिक महत्व समझने के लिए सिक्के की आधिकारिक अधिसूचना और विश्वसनीय संस्थागत अभिलेख महत्वपूर्ण स्रोत हैं।










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