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PM Modi का Gen Z कनेक्ट: ‘नाराज़ फूफा’ से ‘OG’ और ‘धुरंधर’ तक, युवाओं से बोले- आपके सीनियर्स ऐसे सपने नहीं देख सकते थे

SRCC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से Gen Z की भाषा में संवाद किया; 2013 और 2026 के भारत की तुलना करते हुए विकास, स्टार्टअप, AI, स्पेस और इनोवेशन की संभावनाओं पर जोर दिया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 5 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में युवाओं से संवाद के दौरान पारंपरिक राजनीतिक भाषा से हटकर Gen Z के लोकप्रिय शब्दों का इस्तेमाल किया। अपने संबोधन में उन्होंने ‘नाराज़ फूफा’, ‘OG’ और ‘धुरंधर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए युवा पीढ़ी से सीधे जुड़ने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि करीब 13 साल पहले, 2013 में, उन्होंने इसी संस्थान में एक अलग राजनीतिक भूमिका में भाषण दिया था। उस समय वे केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार के प्रमुख राजनीतिक आलोचकों में शामिल थे। इस बार वे तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में SRCC पहुंचे।

‘नाराज़ फूफा’ किस संदर्भ में ?

प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे 2013 के दौर को याद करने के लिए उस समय की खबरों और परिस्थितियों को देखें। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले वर्षों में भारत ने शासन, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति में बदलाव देखा है।

इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार और देश की प्रगति के आलोचकों पर कटाक्ष करते हुए ‘नाराज़ फूफा’ यानी ‘angry uncle’ वाला Gen Z संदर्भ इस्तेमाल किया। The Indian Express के अनुसार, यह टिप्पणी उन आलोचकों के लिए थी जिन्हें प्रधानमंत्री ने विकास के प्रति लगातार नकारात्मक रवैया रखने वाला बताया।

‘OG’ और SRCC के पुराने छात्रों का जिक्र

प्रधानमंत्री ने SRCC के पूर्व छात्रों का उल्लेख करते हुए ‘OG’ शब्द का इस्तेमाल किया। Gen Z और इंटरनेट संस्कृति में ‘OG’ का अर्थ आम तौर पर ‘Original’ या किसी क्षेत्र के पुराने और असली/प्रामाणिक व्यक्ति के संदर्भ में किया जाता है।

मोदी ने कहा कि SRCC के पूर्व छात्रों ने संस्थान का नाम देश और दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्र और अपने पूर्व सहयोगी रहे दिवंगत अरुण जेटली को भी याद किया।

उन्होंने बताया कि जेटली SRCC से जुड़े अपने अनुभवों और कॉलेज की यादों का अक्सर जिक्र करते थे।

‘धुरंधर’ का फिल्मी संदर्भ

प्रधानमंत्री ने हाल की लोकप्रिय फिल्म ‘धुरंधर’ का भी संदर्भ लिया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भले ही ‘धुरंधर’ न हों, लेकिन उन्हें ऐसा काम करना चाहिए कि उनकी ‘धूम’ मचे।

यह टिप्पणी उनके उस व्यापक संदेश का हिस्सा थी जिसमें उन्होंने युवाओं को महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

‘आपके सीनियर्स ऐसे सपने नहीं देख सकते थे’

प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी की बदलती आकांक्षाओं पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आज का युवा स्टार्टअप शुरू करने, कंपनी को यूनिकॉर्न बनाने, स्पेस और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में काम करने, अत्याधुनिक AI समाधान विकसित करने और कृषि में नवाचार करने का सपना देख रहा है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, लगभग 13 वर्ष पहले की पीढ़ी के लिए इस तरह के कई सपने उसी स्तर पर देख पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि आज भारत में ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है जो युवाओं की इन महत्वाकांक्षाओं को समर्थन दे रहा है।

2013 बनाम 2026 का नैरेटिव

प्रधानमंत्री के भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 2013 और वर्तमान भारत के बीच तुलना पर केंद्रित रहा।

उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, अर्थव्यवस्था, वैश्विक संबंध और नीति-निर्माण जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इन क्षेत्रों में लंबी दूरी तय की है।

उन्होंने उस दौर को ‘policy paralysis’ से जोड़ते हुए वर्तमान को ‘policy dynamism’ का दौर बताया। PIB के आधिकारिक विवरण में भी प्रधानमंत्री के भाषण की प्रमुख थीम के रूप में ‘policy paralysis’ से ‘policy dynamism’ तक भारत के सफर और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख किया गया है।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य तय करने और भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने में भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत में आज स्टार्टअप, AI, स्पेस, ड्रोन और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उनका जोर इस बात पर था कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि नई कंपनियां, तकनीक और समाधान विकसित करने वाले उद्यमी भी बनें।

SRCC की शताब्दी का महत्व

SRCC की स्थापना 1926 में हुई थी। प्रधानमंत्री के 5 सितंबर के कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में 100 वर्ष पूरे किए हैं और वाणिज्य, अर्थशास्त्र तथा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के प्रमुख संस्थानों में अपनी पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री ने शताब्दी समारोह को कई पीढ़ियों के एक साथ आने का अवसर बताया और संस्थान के संस्थापक सर श्री राम को श्रद्धांजलि दी।

निष्कर्ष

SRCC में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन केवल कॉलेज की शताब्दी का भाषण नहीं था। इसमें तीन स्पष्ट संदेश दिखाई दिए—पहला, युवाओं के साथ उनकी भाषा और संदर्भों में संवाद; दूसरा, 2013 से 2026 तक भारत की उपलब्धियों को राजनीतिक नैरेटिव के रूप में प्रस्तुत करना; और तीसरा, 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवा पीढ़ी को केंद्रीय भूमिका देना।

‘नाराज़ फूफा’, ‘OG’ और ‘धुरंधर’ जैसे शब्दों ने भाषण को सोशल मीडिया और Gen Z की भाषा से जोड़ दिया, जबकि उसके केंद्र में स्टार्टअप, AI, स्पेस, इनोवेशन और भारत की विकास यात्रा का संदेश रहा।

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