हिंदी विंडो

हिंदी में दुनिया, दुनिया में हिंदी…!

Advertisement

मन की बात में PM मोदी का युवाओं को संदेश: नशे से दूर रहें, स्वच्छता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को दें बढ़ावा

नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देश के युवाओं और आम नागरिकों से नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने, स्वच्छता को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान देशभर में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, संगीतकारों, थिएटर समूहों और कंटेंट क्रिएटर्स से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए रचनात्मक सामग्री तैयार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि नशे की लत का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका दुष्प्रभाव परिवार और पूरे समाज को भी झेलना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अलग-अलग भाषाओं में स्लोगन, गीत, लघु नाटक और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार कर अभियान से जुड़ने की अपील की।

इतिहास को तकनीक से जोड़ने की पहल

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने ‘भारत राज्य’ (BharatRajya) नामक वेबसाइट के जरिए भारतीय इतिहास को तकनीक की मदद से सरल और रोचक बनाने के प्रयास की सराहना की।

इस पहल के माध्यम से उपयोगकर्ता किसी विशेष वर्ष का चयन कर यह जान सकते हैं कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में उस समय कौन-सा शासन या साम्राज्य था। प्रधानमंत्री ने युवाओं को इतिहास से जोड़ने के ऐसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

‘हर घर तिरंगा’ और देशभक्ति का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने में देशभर में दिखाई देने वाली देशभक्ति की भावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने नेशनल हैंडलूम डे, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और नेशनल स्पेस डे जैसे अवसरों का जिक्र किया।

उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को भी महत्वपूर्ण बताया। DD News के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड किए जाने का उल्लेख किया।

PM SVANidhi से महिलाओं को आर्थिक ताकत

प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी से जुड़े छोटे कारोबारों और विशेष रूप से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया।

उन्होंने PM SVANidhi योजना के संदर्भ में बताया कि लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया, जिन्होंने पूजा सामग्री के छोटे स्टॉल से शुरुआत की और योजना से मिली आर्थिक मदद के बाद अपने कारोबार का विस्तार किया।

इडली-डोसा कारोबार से बदली निन्गम्मा की आर्थिक स्थिति

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा की कहानी भी साझा की। निन्गम्मा और उनके पति ने इडली, डोसा और सांभर बेचने से कारोबार शुरू किया था।

PM SVANidhi से सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपनी कार्ट को बेहतर किया, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू का विस्तार किया। कारोबार बढ़ने से उनकी आय में वृद्धि हुई और वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित कर सकीं।

युवाओं ने बनाया ‘क्लीन-अप पटवाई’ अभियान

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के युवाओं आकाश और रोहन के प्रयासों की सराहना की।

स्थानीय स्तर पर गंदगी देखकर दोनों ने सफाई अभियान शुरू किया। बाद में अन्य युवा भी जुड़े और ‘क्लीन-अप पटवाई’ टीम बनी।

DD News के अनुसार, टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। युवाओं ने तालाबों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की भी सफाई की।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता पर जोर

प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता और जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र कर प्रोसेस किया गया।

उन्होंने बताया कि 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया और 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री’ प्रमाणपत्र दिया गया। घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार कर उससे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग भी किया गया।

फूलों की खेती से नागालैंड की वेसालु पुरो ने बदली जिंदगी

प्रधानमंत्री ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की थी।

कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने लगभग एक चौथाई एकड़ जमीन पर ग्लैडियोलस की खेती की। शुरुआती प्रयास में ही 5 हजार से अधिक फूल खिले। इसके बाद उन्होंने कारोबार बढ़ाया और उनके फूल नागालैंड से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक पहुंचने लगे।

महिलाओं ने जंगल संरक्षण को बनाया आजीविका का माध्यम

ओडिशा के देबरीगढ़ क्षेत्र की मैथिली भुए की कहानी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि जंगल से मिलने वाली वन उपज पर निर्भर रहने वाली मैथिली बाद में देबरीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं।

उनके प्रयास से प्रेरित होकर 60 से अधिक महिलाएं जंगल संरक्षण से जुड़ी हैं। इनमें वन्यजीव संरक्षण, घास के मैदानों के विकास और इको-टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।

बेटियों को अंतरिक्ष और विज्ञान से जोड़ने पर जोर

प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके जरिए 108 देशों की करीब 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार से सीखने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने नेशनल स्पेस डे के अवसर पर इस पहल के दूसरे चरण का भी उल्लेख किया और छात्राओं की भागीदारी से तैयार सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी की जानकारी दी।

किसानों ने अपनाई एवोकाडो की खेती

प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के कडपा के किसान वरदराज और तमिलनाडु के चंद्रशेखरन सहित कुछ किसानों के उदाहरण दिए, जिन्होंने एवोकाडो की खेती के जरिए आय के नए अवसर तलाशे।

उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने कॉफी के बागानों के बीच भी एवोकाडो की खेती शुरू की है।

त्योहारों में ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

आगामी जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का अर्थ केवल मिट्टी के दीये खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की खरीदारी में भी भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देना इसका हिस्सा है।

प्रधानमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

छोटे प्रयासों को देशव्यापी प्रेरणा बनाने की अपील

‘मन की बात’ के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपने आसपास बदलाव लाने वाले लोगों और उनके छोटे-छोटे प्रयासों की जानकारी साझा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का स्थानीय स्तर का अनुभव देश के किसी दूसरे हिस्से के व्यक्ति के लिए प्रेरणा बन सकता है।

हिंदी विंडो निष्कर्ष:
137वीं ‘मन की बात’ का प्रमुख संदेश सरकारी योजनाओं की जानकारी देने से आगे बढ़कर जनभागीदारी, युवा शक्ति, स्वच्छता, नशामुक्ति, महिला उद्यमिता, स्थानीय अर्थव्यवस्था और नवाचार को सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में सामने लाना रहा।