असम में NIA का बड़ा एक्शन : Howly, Barpeta Road और Sorbhog में कार्रवाई; IMK से कथित संबंध और युवाओं के कट्टरपंथीकरण की जांच, असम के अलावा बंगाल और केरल में भी तलाशी !
गुवाहाटी/बारपेटा, 30 सितंबर 2026: असम के बारपेटा जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने कथित जिहादी गतिविधियों और युवाओं को कट्टरपंथी नेटवर्क में शामिल करने के प्रयासों से जुड़े एक मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब जांच एजेंसियां पूर्वोत्तर भारत में कथित सीमा-पार नेटवर्क और ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले कट्टरपंथीकरण की गतिविधियों की जांच कर रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, NIA की कार्रवाई का संबंध Imam Mahmuder Kafila (IMK) नामक संगठन से कथित संबंधों की जांच से है, जिसे जांच एजेंसियां प्रतिबंधित Jama’atul Mujahideen Bangladesh (JMB) का एक धड़ा/ऑफशूट बताती हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, NIA ने बारपेटा जिले के Howly, Barpeta Road और Sorbhog थाना क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, छह लोगों को गिरफ्तार किया गया—तीन Sorbhog क्षेत्र से, दो Barpeta Road से और एक Howly क्षेत्र से। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान Faruk Abdullah, Zakir Hussain, Chandbar Ali, Mustafizur Rahman, Yakub Ali और Rakibul Islam के रूप में रिपोर्ट की गई है।
NIA की कार्रवाई केवल असम तक सीमित नहीं थी। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में कुल 16 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें असम में 10, पश्चिम बंगाल में पांच और केरल में एक स्थान शामिल था। व्यापक कार्रवाई का उद्देश्य कथित IMK नेटवर्क, उसके संपर्कों और देश में उसकी गतिविधियों से जुड़े संभावित लोगों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच करना बताया गया है।
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने कथित तौर पर दस्तावेज, मोबाइल फोन और एक लैपटॉप समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांचकर्ताओं के लिए इन डिजिटल उपकरणों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के मामलों में ऑनलाइन संपर्क, सोशल मीडिया समूहों और संभावित भर्ती नेटवर्क की जांच करती हैं। हालांकि, जब्त सामग्री से वास्तव में क्या जानकारी मिली है और उसका कानूनी महत्व क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
इस मामले में गिरफ्तार लोगों में Mustafizur Rahman का नाम भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, उसे इससे पहले मार्च 2026 में Assam Police की Special Task Force ने कथित जिहादी गतिविधियों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। अब NIA ने उसे अपने मामले की जांच के सिलसिले में फिर गिरफ्तार किया है।
एक अन्य आरोपी Rakibul Islam के बारे में रिपोर्टों में कहा गया है कि वह अरुणाचल प्रदेश के Daporijo में पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ा था और हाल में अपने घर लौटा था। उसके परिवार की ओर से यह दावा सामने आया कि NIA के दस्तावेज में उसके खिलाफ Telegram पर ‘Purba Akash’ (Eastern Sky) नामक समूह से कथित संबंध का उल्लेख था। यह विवरण परिवार की ओर से सामने आया दावा है; इसे स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले की एक प्रमुख कड़ी Imam Mahmuder Kafila (IMK) है। अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया है कि IMK को JMB से जुड़ा एक कथित संगठन माना जा रहा है और जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस नेटवर्क के जरिए पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर भारत में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने, युवाओं को प्रभावित करने और संगठन का नेटवर्क विस्तार करने की कोशिश की गई।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। NIA की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत सार्वजनिक प्रेस विज्ञप्ति उपलब्ध न होने के कारण, प्रकाशित रिपोर्टों में अधिकारियों और पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आए विवरण को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
चिरांग से जुड़ा तथ्य क्या है?
बारपेटा और चिरांग दोनों को NIA की मौजूदा कार्रवाई के साथ जोड़ा गया था। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टिंग इसकी पुष्टि नहीं करती। 24 जुलाई 2026 को Assam Police Special Task Force ने Dhubri, Chirang और Barpeta जिलों में एक अलग अभियान चलाकर पाकिस्तान-आधारित बताए गए Shahzad Bhatti Network (SBN) से कथित संबंधों के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में चिरांग से एक आरोपी की गिरफ्तारी की रिपोर्ट थी। यह जुलाई की STF कार्रवाई थी, 29 सितंबर की NIA की IMK जांच वाली कार्रवाई नहीं।
इस तरह सितंबर की NIA कार्रवाई और जुलाई की Assam Police STF कार्रवाई को अलग-अलग मामलों के रूप में देखना तथ्यात्मक रूप से अधिक उचित है। दोनों मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने कथित आतंकवादी/कट्टरपंथी नेटवर्क और भर्ती या नेटवर्क विस्तार से जुड़े पहलुओं की जांच की, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इन्हें एक ही ऑपरेशन कहना सही नहीं होगा।
फिलहाल NIA की जांच जारी है। एजेंसी की कार्रवाई से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों, डिजिटल साक्ष्यों और नेटवर्क की संरचना की जांच की जा रही है। आगे की जांच में यदि अतिरिक्त गिरफ्तारियां या आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।












