उत्तराखंड में जनसमस्याओं पर CM धामी का अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश:
मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री ने सुनीं प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं; सीएम हेल्पलाइन-1905 और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ को और प्रभावी बनाने पर जोर !
देहरादून। उत्तराखंड में आम लोगों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर, प्रभावी और निर्धारित समय के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पेंशन, रोजगार और आर्थिक सहायता सहित कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। इसके अलावा क्षेत्रीय और व्यक्तिगत स्तर की समस्याओं से जुड़े प्रकरण भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनका त्वरित, प्रभावी तथा समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन मामलों का समाधान जिला या विभागीय स्तर पर किया जा सकता है, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। अधिकारियों को अपने स्तर पर ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के अनुसार जनसमस्याओं का समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के हर स्तर पर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और नियमानुसार यथाशीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आम नागरिकों को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने की आवश्यकता है। इस दिशा में शिकायत निवारण की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार जनशिकायतों के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन-1905, जनसुनवाई और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे माध्यमों को प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत शासन और प्रशासन के प्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। इसके साथ ही पात्र लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पूर्व में आयोजित शिविरों के माध्यम से भी विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के साथ पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के शिविरों के साथ स्वास्थ्य और बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाने हैं। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
शिकायतों की मॉनिटरिंग और वास्तविक राहत पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई हो। शिकायतों के निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी शिकायत को सिर्फ रिकॉर्ड में निस्तारित दिखाकर प्रक्रिया पूरी न कर दी जाए।
उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करते हुए लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो पदक विजेताओं से भी मिले CM
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री से उत्तराखंड के उन खिलाड़ियों ने भी मुलाकात की जिन्होंने 9वीं हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में पदक हासिल किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक पटाया, चोनबुरी, थाईलैंड में आयोजित हुई थी।
उत्तराखंड के मन्नू सोनकर, शिवानी दाबसा, मोहम्मद जकी और मुकुल ने स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि मेघा शर्मा और धनंजय धारीवाल ने कांस्य पदक जीते। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री के निर्देशों का मुख्य फोकस जनशिकायतों को संबंधित स्तर पर ही शीघ्र निस्तारित करने, शिकायतों की मॉनिटरिंग मजबूत करने और सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने पर है। आधिकारिक विज्ञप्ति में सरकार की ओर से सीएम हेल्पलाइन-1905, जनसुनवाई और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ को इसी उद्देश्य से प्रभावी बनाने की बात कही गई है।











