मध्य प्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब का कहर: कम-से-कम 9 लोगों की मौत, कई बीमार
मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कम-से-कम नौ लोगों की मौत की खबर सामने आई है। घटना बंडा तहसील के गांवों की बताई जा रही है। कई अन्य लोगों के बीमार पड़ने के बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है और पुलिस शराब के स्रोत की जांच कर रही है।
सागर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब पीने से कम-से-कम नौ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। घटना बंडा तहसील के आसपास के गांवों की बताई जा रही है। कई अन्य लोगों के बीमार पड़ने के बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभावित इलाकों में मेडिकल स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है, ताकि शराब पीने के बाद बीमार हुए अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
दो गांवों में मौतों की सूचना
The Tribune की PTI रिपोर्ट के मुताबिक, सागर के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बंडा तहसील के दो गांवों में कथित तौर पर अवैध शराब पीने के बाद नौ लोगों की मौत हुई थी। बंडा क्षेत्र सागर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बताया गया है।
हालांकि, घटना से जुड़े आंकड़ों में अलग-अलग समय पर अंतर सामने आया है। शुरुआती आधिकारिक जानकारी में नौ मौतों की बात कही गई थी, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 होने का दावा किया। बाद के एक अपडेट में जिला प्रशासन की ओर से 10 मौतों की जानकारी सामने आई। इसलिए मृतकों की अंतिम संख्या की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया
बीमार लोगों में सिरदर्द, उल्टी और अन्य शिकायतें सामने आने की जानकारी दी गई है। कुछ मरीजों को बंडा के अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया और 25 से अधिक मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए आगे रेफर किया गया था।
प्रशासन ने शुरू की मेडिकल स्क्रीनिंग
सागर जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल स्क्रीनिंग शुरू कराई है। अधिकारियों के अनुसार, शराब का सेवन करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है ताकि संभावित विषाक्तता के मामलों का समय रहते उपचार किया जा सके।
News on AIR के अनुसार, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। शराब के स्रोत और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। मौतों का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या जहरीली शराब ही मौतों का कारण है ?
फिलहाल इसे सावधानी से “संदिग्ध जहरीली/मिलावटी शराब से मौत का मामला” कहना अधिक उचित है। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में शराब सेवन और मौतों के बीच संबंध की बात सामने आई है, लेकिन सभी मौतों के अंतिम चिकित्सकीय कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से होनी बाकी है।
The Tribune की रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में हुई दो अन्य मौतों को अधिकारियों ने तत्काल शराब त्रासदी से जोड़ने की पुष्टि नहीं की थी।
पहले गुजरात में भी सामने आई थी ऐसी त्रासदी
सागर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब गुजरात के भावनगर जिले में पिछले महीने संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हुई थी। गुजरात में शराब की बिक्री और सेवन पर व्यापक प्रतिबंध है।
जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों का उपचार, संभावित अन्य मरीजों की पहचान और शराब के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि कथित अवैध शराब कहां से आई और इसके वितरण में कौन लोग शामिल थे।












