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Alzheimer’s Early Signs: याददाश्त के अलावा इन बदलावों पर भी दें ध्यान, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कब कराएं जांच

अल्जाइमर सिर्फ याददाश्त की कमजोरी नहीं, इन बदलावों को भी न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। अल्जाइमर और डिमेंशिया को आमतौर पर भूलने या याददाश्त कमजोर होने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक शुरुआती बदलाव केवल याददाश्त में ही दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। बातचीत करने के तरीके, रोजमर्रा के काम करने की क्षमता, निर्णय लेने और यहां तक कि चलने के तरीके में भी बदलाव नजर आ सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डिमेंशिया ऐसी स्थिति है जो याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। यह उम्र बढ़ने का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। अल्जाइमर डिमेंशिया का सबसे आम कारण है और WHO के मुताबिक डिमेंशिया के लगभग 60-70 प्रतिशत मामलों में इसका योगदान हो सकता है।

1. चलने के तरीके में बदलाव

अमर उजाला की रिपोर्ट में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नेहा पंडिता के अनुसार, मस्तिष्क शरीर के संतुलन और तालमेल सहित कई गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

यदि कोई व्यक्ति पहले की तुलना में:

  • छोटे कदम लेने लगे,
  • काफी धीमी गति से चलने लगे,
  • मुड़ते समय असहज या झिझक महसूस करे,
  • रास्ते में बाधाओं से निकलने में परेशानी महसूस करे,

तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।

लेकिन सावधानी जरूरी है: चाल में बदलाव का मतलब सीधे अल्जाइमर नहीं है। गठिया, नजर की समस्या, कुछ दवाएं और दूसरी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।

2. बातचीत में लगातार बदलाव

कभी-कभार किसी का नाम या कोई शब्द याद न आना सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि बातचीत में लगातार और स्पष्ट बदलाव आने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

मसलन, व्यक्ति:

  • परिचित शब्द खोजने में बार-बार अटकने लगे,
  • बातचीत के बीच अपना विषय भूल जाए,
  • बार-बार एक ही बात दोहराए,
  • बहुत अस्पष्ट जवाब देने लगे,
  • किसी सामान्य बात को समझाने में पहले की तुलना में काफी परेशानी महसूस करे।

ऐसे बदलाव संज्ञानात्मक क्षमता में परिवर्तन की ओर संकेत कर सकते हैं।

3. रोजमर्रा के परिचित काम कठिन लगना

अल्जाइमर के शुरुआती चेतावनी संकेतों में परिचित कामों को पूरा करने में कठिनाई भी शामिल है।

उदाहरण के तौर पर वर्षों से किए जा रहे कामों में अचानक परेशानी आने लगे—जैसे खाना बनाना, बिल संभालना, मोबाइल चलाना, खरीदारी करना या किसी परिचित काम के चरण भूल जाना—तो कारण की जांच कराना उचित है।

4. बदली हुई परिस्थितियों में निर्णय लेने में परेशानी

कुछ लोग अपनी रोज की तय दिनचर्या में लंबे समय तक सामान्य रूप से काम कर सकते हैं, लेकिन जब परिस्थितियां बदलती हैं तो अचानक असामान्य उलझन दिखाई देने लगती है।

मसलन, रास्ता बदलने पर परेशानी, योजना में बदलाव स्वीकार करने में कठिनाई या किसी परिचित उपकरण को अलग तरीके से इस्तेमाल करने में असामान्य समस्या।

यह केवल भूलने का मामला नहीं हो सकता, बल्कि योजना बनाने, समस्या हल करने और निर्णय लेने की क्षमता में बदलाव से भी जुड़ा हो सकता है।

याददाश्त में बदलाव सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से एक

Alzheimer’s Association के अनुसार, हाल की जानकारी भूलना, एक ही सवाल बार-बार पूछना, महत्वपूर्ण तारीखें भूलना या उन कामों के लिए लगातार दूसरों अथवा रिमाइंडर पर निर्भर होना जिन्हें व्यक्ति पहले खुद संभाल लेता था—चेतावनी संकेत हो सकते हैं।

इसके अलावा समय या जगह को लेकर भ्रम, चीजें रखकर भूल जाना और वापस जाकर उन्हें खोजने में असमर्थ होना, निर्णय लेने में गिरावट, सामाजिक गतिविधियों से दूरी तथा मूड या व्यक्तित्व में बदलाव भी देखे जा सकते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ?

यदि भूलने, बातचीत, निर्णय लेने, परिचित काम करने या व्यवहार में बदलाव लगातार दिखाई दे रहे हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

ऐसे लक्षणों का मतलब जरूरी नहीं कि व्यक्ति को अल्जाइमर ही है। कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसी तरह के लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए खुद से बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।

हिंदी विंडो हेल्थ डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। यह किसी व्यक्ति का निदान या व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं है।