भारतीय पायलट स्मित माछर को नेतन्याहू का सम्मान, इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया !
30 सितंबर की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की; यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया और विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग हुई !!
नई दिल्ली/तेल अवीव | 4 अक्टूबर 2026
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुई गंभीर कॉकपिट घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित माछर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहस और सूझबूझ के लिए सराहा जा रहा है। अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन माछर को फोन कर उन्हें “इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो” बताया है। नेतन्याहू ने उन्हें अगले वर्ष इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने और मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया है।
घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। फ्लाईदुबई के आधिकारिक बयान के अनुसार, उड़ान के दौरान एक घटना हुई, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित उतारा गया। एयरलाइन ने शुरुआती आधिकारिक बयान में कहा था कि सभी यात्री सुरक्षित थे और संबंधित अधिकारी घटना की जांच कर रहे थे।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने उसी दिन बताया था कि विमान में सवार यात्रियों में बड़ी संख्या इजरायली नागरिकों की थी और कॉकपिट में एक पायलट द्वारा दूसरे पायलट पर हमला किए जाने के बाद विमान गंभीर संकट में चला गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक पहुंचाया गया।
बाद की जांच और रिपोर्टों में हमले से जुड़े अधिक विवरण सामने आए। Reuters ने 3 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के हवाले से बताया कि फ्लाईदुबाई के सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश-ऐक्स से कैप्टन पर हमला किया था और अधिकारियों ने घटना को संभावित आतंकवादी हमले के प्रयास के रूप में वर्गीकृत किया। हालांकि घटना की व्यापक जांच अभी जारी है और इसके पीछे की पूरी मंशा तथा संभावित अन्य कड़ियों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
घटना के दौरान कैप्टन स्मित माछर गंभीर रूप से घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, हमले के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों तथा विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों ने कॉकपिट में प्रवेश कर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान को अंततः तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस घटना में शामिल कुछ इजरायली नागरिकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने उन नागरिकों के साहस की सराहना की और उन्हें नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए विचार करने की बात कही। आधिकारिक विवरण में कैप्टन माछर के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
भारत में भी कैप्टन माछर के साहस की व्यापक प्रशंसा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर को उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि उनकी बहादुरी ने बड़ी त्रासदी को टालने और अनेक लोगों की जान बचाने में मदद की।
2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन माछर से वीडियो कॉल पर बातचीत भी की। आधिकारिक बातचीत में प्रधानमंत्री ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनकी हिम्मत, धैर्य तथा संकट की घड़ी में तेजी से निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की।
इसी क्रम में अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन माछर से बातचीत की। बातचीत के दौरान माछर ने घटना का अपना अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि हमले के शुरुआती प्रहार के बाद उनकी दृष्टि लगभग प्रभावित हो गई थी, लेकिन उन्हें लगा कि यदि उन्होंने आखिरी कोशिश नहीं की तो उनकी जान जा सकती है। इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में उनका निर्णय और संयम उल्लेखनीय था। उन्होंने माछर के परिवार के प्रति भी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद नेतन्याहू ने उन्हें अगले वर्ष इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सामान्यतः इजरायली नागरिकों के लिए होता है, लेकिन माछर के मामले में इजरायल के नागरिक उन्हें इस सम्मान के साथ स्वीकार करेंगे।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर समझना जरूरी है। “दुनिया के हीरो”, “बड़ी त्रासदी टालने” या “9/11 जैसी घटना रोकने” जैसे शब्द विभिन्न नेताओं और रिपोर्टों में प्रशंसा के तौर पर इस्तेमाल किए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र तकनीकी जांच का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। घटना में वास्तव में क्या हुआ, हमलावर की मंशा क्या थी और क्या यह पूर्व नियोजित आतंकवादी साजिश थी—इन प्रश्नों पर संबंधित एजेंसियों की जांच निर्णायक होगी। Reuters की रिपोर्ट में भी जांच जारी होने की बात कही गई है।
फिलहाल पुष्ट तथ्य यह है कि 30 सितंबर को FZ1073 उड़ान में गंभीर कॉकपिट घटना हुई, विमान को तबुक की ओर मोड़ा गया, विमान सुरक्षित उतरा और यात्रियों को बचाया गया। फ्लाईदुबाई ने भी अपने आधिकारिक बयान में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा की पुष्टि की थी।
कैप्टन स्मित माछर की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में इसलिए महत्वपूर्ण बनती है क्योंकि वे स्वयं हमले का सामना कर रहे थे, फिर भी उन्होंने कॉकपिट तक पहुंच बहाल करने और विमान को बचाने की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाई। भारत और इजरायल दोनों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मिली सार्वजनिक प्रशंसा इस घटना के अंतरराष्ट्रीय महत्व को दर्शाती है।
फैक्ट-चेक निष्कर्ष:
- FZ1073 पर घटना हुई — पुष्ट।
- विमान तबुक, सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा — पुष्ट।
- कैप्टन स्मित माछर भारतीय पायलट हैं — पुष्ट।
- वे गंभीर रूप से घायल हुए और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे — आधिकारिक/विश्वसनीय रिपोर्टिंग से समर्थित।
- सह-पायलट के हमले को UAE अधिकारियों ने आतंकवादी हमले के प्रयास के रूप में बताया — आधिकारिक जांच/अधिकारियों का आकलन; अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं।
- नेतन्याहू ने माछर को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया — पुष्ट।
- घटना की पूरी मंशा और संभावित साजिश पर जांच — जारी।












