नई दिल्ली।
देश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के क्षेत्र में अब एक नया विकल्प सामने आया है। ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी (Cooperative) राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) संचालित कर रही है। इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि इसमें टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सहकारी संस्था के सदस्य और हिस्सेदार भी होंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य Uber, Ola या अन्य निजी टैक्सी कंपनियों को प्रतिस्थापित करना नहीं है, बल्कि ड्राइवर-केंद्रित और सहकारी मॉडल पर आधारित एक वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
क्या है भारत टैक्सी?
भारत टैक्सी एक मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी सेवा है, लेकिन इसका संचालन निजी कंपनियों की तरह निवेशक-आधारित नहीं बल्कि सहकारी मॉडल पर आधारित है। इसमें चालक सदस्य होने के कारण प्लेटफॉर्म की प्रगति का लाभ सीधे उन्हें मिलने का लक्ष्य रखा गया है।
8.27 लाख से अधिक चालक जुड़े
28 जुलाई 2026 तक भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर 8.27 लाख से अधिक चालक (सारथी) पंजीकृत हो चुके हैं।
| राज्य | पंजीकृत चालक |
|---|---|
| दिल्ली-एनसीआर | 2,61,045 |
| गुजरात | 1,04,163 |
| महाराष्ट्र | 84,332 |
| उत्तर प्रदेश | 21,621 |
| राजस्थान | 20,599 |
| चंडीगढ़ | 10,695 |
क्या सरकार आर्थिक सहायता दे रही है?
लोकसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी को शुरू करने या उसके विस्तार के लिए कोई वित्तीय सहायता, इक्विटी निवेश या सरकारी अनुदान नहीं दिया गया है। इसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है।
किन शहरों में होगा विस्तार?
सेवा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके लिए निम्न बिंदुओं पर विचार किया जाएगा—
- ड्राइवरों की उपलब्धता
- राज्य सरकारों का सहयोग
- स्थानीय प्रशासन की अनुमति
- परिचालन तैयारियां
इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशनों के साथ साझेदारी कर लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना है।
यात्रियों की सुरक्षा कैसे होगी?
भारत टैक्सी में सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा किया गया है। इसके तहत-
- चालक और वाहन का सत्यापन
- डिजिटल ट्रिप रिकॉर्ड
- SOS इमरजेंसी बटन
- लाइव ट्रिप शेयरिंग
- पुलिस विभागों के साथ समन्वय
- डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के अनुरूप डेटा सुरक्षा
किराया कैसे तय होगा?
किराया तय करने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण, चालक प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से परामर्श लिया जाएगा। स्थानीय परिस्थितियों, संचालन लागत तथा यात्रियों और चालकों दोनों के हितों को ध्यान में रखकर किराया निर्धारित किया जाएगा।

शिकायतों का समाधान
यात्रियों और चालकों दोनों के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिसमें-
- कॉल सेंटर
- कस्टमर सपोर्ट
- शिकायत निवारण प्रकोष्ठ
के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।












