देहरादून | 22 जुलाई 2026
भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास की ओर किया गया विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था। भाजपा नेताओं ने इसे “असंवैधानिक” और “अलोकतांत्रिक” करार देते हुए इसकी निंदा की।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री के आवास का घेराव करने जैसी गतिविधियाँ लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं तथा इस प्रकार के कदम समाज में अशांति का वातावरण पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता ऐसे कदमों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता है।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन वह संविधान और समाजहित की मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार भ्रम फैलाकर युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रही है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपने विरोध को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताया।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, ज्योति प्रसाद गैरोला, कैबिनेट मंत्री एवं विधायक खजान दास, सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, बृजभूषण गैरोला, महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट, युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मंदौली सहित अनेक पदाधिकारी, पार्षद, मंडल अध्यक्ष एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फैक्ट-चेक नोट (Verified Context):
यह समाचार भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं कार्यक्रम में दिए गए नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इसमें राहुल गांधी और कांग्रेस के संबंध में लगाए गए आरोप भाजपा नेताओं के दावे/आरोप हैं। स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पत्रकारिता के संतुलित मानकों के अनुसार इन्हें संबंधित पक्ष के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।











