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दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी इमारत, छात्रों से भरा था PG; एक की मौत, 20–25 छात्र AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को PG की इमारत गिर गई। एक छात्र की मौत हुई है, जबकि 20–25 छात्रों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचाए जाने की जानकारी है। NDRF समेत कई एजेंसियों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

नई दिल्ली | 6 सितंबर 2026

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित सत्य निकेतन के मोती बाग क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों, खासकर छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई।

अमर उजाला के शाम 4:43 बजे के अपडेट के अनुसार, अब तक 20 से 25 छात्रों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया है और एक छात्र की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

दोपहर करीब 1:33 बजे मिली हादसे की सूचना

दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को रविवार दोपहर करीब 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।

रिपोर्टों के मुताबिक, इमारत का इस्तेमाल छात्रों के PG/हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था। यही वजह है कि हादसे के तुरंत बाद बड़ी संख्या में छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका सामने आई। NDTV ने इसे ‘Hostel Daze’ नाम से संचालित बॉयज PG बताया है।

मलबे से छात्रों को निकालने का अभियान जारी

घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। NDRF की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, DDMA, MCD और सिविल डिफेंस के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं।

शुरुआती घंटों में बचावकर्मियों ने कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला। अलग-अलग समय पर घटनास्थल से बचाए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे, इसलिए अंतिम संख्या के लिए प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार जरूरी है।

मलबे के अंदर से फोन आने की जानकारी

स्थानीय भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर दावा किया कि मलबे के अंदर फंसे कुछ छात्र फोन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर कितने लोग फंसे हैं।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद मलबे के अंदर से लोगों के ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाजें सुनाई दे रही थीं और अनुमान है कि बड़ी संख्या में छात्र फंसे हो सकते हैं। हालांकि यह संख्या अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है

आसपास की इमारतें भी खाली कराई गईं

हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली कराया, ताकि यदि ढांचे में कोई अतिरिक्त अस्थिरता हो तो दूसरी दुर्घटना से बचा जा सके।

मुख्यमंत्री ने राहत-बचाव कार्य की निगरानी की

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उनके अनुसार NDRF, DDMA, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, MCD और सिविल डिफेंस की टीमें समन्वय के साथ राहत-बचाव अभियान में लगी हैं।

हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं

इमारत आखिर क्यों गिरी, इसकी आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इमारत में निर्माण या बेसमेंट से संबंधित काम चलने की बात कही है, लेकिन इसे अभी हादसे का आधिकारिक कारण नहीं माना जा सकता। घटना की तकनीकी और प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी।

‘हिंदी विंडो’ की सावधानी

इस हादसे में फंसे लोगों की संख्या, मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या तथा इमारत के ढहने के कारण को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर रहा है। इसलिए हिंदी विंडो बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी संख्या या आरोप को अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

स्थिति लगातार अपडेट हो रही है।

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