भारत को वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में पश्चिम बंगाल में एक बड़ा औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र विस्तार शुरू हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कोलकाता में GRSE और Yantra India की पांच विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब ₹3,500 करोड़ है।
GRSE की तीन और Yantra India की दो परियोजनाएँ देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही हैं। GRSE की परियोजनाओं में हुगली नदी के आसपास जहाज निर्माण और मरम्मत क्षमता का विस्तार शामिल है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनने में सक्षम है और मौजूदा वैश्विक अवसरों का फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय उद्योग को ऐसी गुणवत्ता, कीमत और आपूर्ति क्षमता विकसित करनी होगी जिससे वैश्विक ग्राहक भारत को दोबारा ऑर्डर दें।
GRSE के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कंपनी को जून 2026 में Navratna दर्जा मिला और वह 1960 से 100 से अधिक युद्धपोतों की डिलीवरी कर चुकी है। कंपनी के हाल में वितरित युद्धपोतों में 90 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।
इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में रोजगार और MSME क्षेत्र के लिए भी अवसर बढ़ने की उम्मीद है। जहाज निर्माण से जुड़े स्टील, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों को भी इससे लाभ मिल सकता है।
इस विस्तार को भारत की Atmanirbhar Defence Manufacturing और समुद्री शक्ति को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।












