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NEET पेपर लीक केस: CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के ‘गोपनीय अनुभाग’ से ऐसे बाहर निकाले गए परीक्षा प्रश्न

नई दिल्ली। NEET (UG) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट में कई गंभीर खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के दिल्ली स्थित कार्यालय में कार्यरत तीन विषय विशेषज्ञों ने परीक्षा से जुड़े प्रश्नों को अलग-अलग तरीकों से बाहर पहुंचाया।

CBI के आरोपपत्र के मुताबिक, विशेषज्ञों को प्रश्नपत्रों के अनुवाद और प्रूफरीडिंग के लिए NTA के प्रथम तल पर स्थित “गोपनीय अनुभाग” में प्रवेश दिया जाता था। जांच में सामने आया कि इस संवेदनशील क्षेत्र से बाहर निकलते समय उनकी किसी प्रकार की शारीरिक तलाशी नहीं ली जाती थी। साथ ही, यहां CCTV कैमरे तो मौजूद थे, लेकिन उनकी लाइव निगरानी के लिए समर्पित कंट्रोल रूम उपलब्ध नहीं था।

जांच एजेंसी के अनुसार, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी ने अनुवाद कार्य के दौरान उपलब्ध कराए गए सादे कागजों से छोटी-छोटी पर्चियां बनाईं और कथित रूप से प्रश्नों व उत्तर विकल्पों को संक्षेप में लिख लिया। आरोप है कि बाद में इन सूचनाओं का उपयोग छात्रों को विशेष कोचिंग सत्रों में कराया गया।

CBI का कहना है कि जीव विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे प्रश्नों को याद रखती थीं और होटल लौटने के बाद NCERT पुस्तकों में संबंधित अध्यायों को चिन्हित करती थीं। वहीं भौतिकी विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार पर आरोप है कि उन्होंने प्रश्नों को स्मृति के आधार पर संक्षेप में लिख लिया।

चार्जशीट में दावा किया गया है कि लीक हुए प्रश्न महाराष्ट्र तक दो अलग-अलग माध्यमों से पहुंचे और वहां विशेष कोचिंग सत्रों के जरिए छात्रों तक पहुंचाए गए।

CBI ने यह भी उल्लेख किया है कि जांच के दौरान उसे केवल लगभग 20 से 25 दिनों की CCTV फुटेज उपलब्ध कराई गई। एजेंसी ने इस मामले में 12 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच अभी भी जारी है।

फास्ट ट्रैक अदालत में 28 जुलाई को दाखिल आरोपपत्र में कुल 13 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा किया जाएगा।