राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जारी रैंकिंग में देहरादून ने लगातार तीसरे वर्ष सुधार दर्ज किया। ऋषिकेश 14वें से 16वें और काशीपुर 18वें से 21वें स्थान पर पहुंचा।
देहरादून | 8 सितंबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर इस बार राहत की खबर सामने आई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की रैंकिंग में देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए अपनी स्थिति सात पायदान बेहतर की है। तीन से दस लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून अब 12वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह शहर 19वें स्थान पर था।
यह रैंकिंग राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी NCAP के तहत जारी की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ हवा के लिए स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को बढ़ावा देना है।
लगातार तीसरे साल देहरादून का प्रदर्शन बेहतर
देहरादून की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शहर की रैंकिंग में लगातार तीसरे वर्ष सुधार दर्ज किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस बार तीन से दस लाख की आबादी वाले कुल 42 शहरों की रैंकिंग में देहरादून ने 12वां स्थान हासिल किया।
पिछले साल 19वें स्थान पर रहने के बाद सात पायदान की छलांग यह संकेत देती है कि शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा से जुड़े उपायों के क्रियान्वयन में सुधार हुआ है।
ऋषिकेश और काशीपुर की रैंकिंग में गिरावट
जहां देहरादून का प्रदर्शन बेहतर हुआ, वहीं उत्तराखंड के दो अन्य शहरों—ऋषिकेश और काशीपुर—की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में ऋषिकेश इस वर्ष 16वें स्थान पर रहा। पिछले वर्ष उसकी रैंकिंग 14वीं थी। यानी ऋषिकेश दो पायदान नीचे गया।
इसी तरह काशीपुर की रैंकिंग भी कमजोर हुई है। काशीपुर इस बार 21वें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष वह 18वें स्थान पर था। यानी काशीपुर की स्थिति तीन पायदान गिरी।
तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए काम
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में वायु गुणवत्ता की निगरानी के साथ-साथ प्रदूषण कम करने के उपायों पर काम करता है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण केवल किसी एक दिन के AQI को देखने तक सीमित नहीं है। NCAP के तहत शहरों की स्वच्छ हवा से संबंधित योजनाओं, विभिन्न प्रदूषण स्रोतों पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार जैसे पहलुओं को व्यापक रूप से देखा जाता है।
सरकारी जानकारी के अनुसार NCAP के अंतर्गत देशभर के 130 शहरों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं और PM10 के स्तर में बदलाव को भी प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल किया गया है।
वार्ड स्तर पर भी उत्तराखंड को पहचान
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में शहरों के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों की सूची भी जारी की गई है।
उत्तराखंड में देहरादून के धोरन वार्ड, काशीपुर के एक चयनित वार्ड, बाजपुर तथा ऋषिकेश के आवास विकास वार्ड को बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों में शामिल किया गया है।
इन वार्डों के लिए नकद पुरस्कार का भी प्रावधान किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार देहरादून के चयनित वार्ड को 15 लाख रुपये, जबकि काशीपुर और ऋषिकेश के चयनित वार्डों को 10-10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
क्या कहता है पूरा परिणाम ?
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 का उत्तराखंड से जुड़ा परिणाम एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। देहरादून ने जहां उल्लेखनीय सुधार किया है, वहीं ऋषिकेश और काशीपुर को अपनी पिछली रैंकिंग बरकरार रखने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।
देहरादून का 19वें से 12वें स्थान पर पहुंचना शहर के लिए सकारात्मक संकेत है। लेकिन यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि रैंकिंग में सुधार का अर्थ यह नहीं है कि शहर की हवा पूरी तरह प्रदूषण मुक्त हो गई है। स्वच्छ हवा एक सतत प्रक्रिया है और इसके लिए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों, कचरा प्रबंधन और अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोतों पर लगातार काम करना जरूरी है।
हिंदी विंडो निष्कर्ष:
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में देहरादून की सात पायदान की छलांग उत्तराखंड के लिए सकारात्मक खबर है। लेकिन ऋषिकेश और काशीपुर की गिरती रैंकिंग यह भी बताती है कि राज्य के सभी शहरों में स्वच्छ हवा के लिए समान स्तर पर लगातार प्रयास की जरूरत है।
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