हरिद्वार/सहारनपुर, 26 अक्टूबर 2026 | हिंदी विंडो समाचार डेस्क
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद के बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हरिद्वार पुलिस ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया।
शिकायत में अभिनेत्री पर कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने, रविदास धाम से जुड़ी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाने, परिवार को जान से मारने की धमकी देने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए हैं। ये शिकायत में लगाए गए आरोप हैं; इनकी सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
शिकायत में क्या कहा गया है ?
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, हरिद्वार की टिहरी विस्थापित कॉलोनी निवासी दीपिका राठौर ने 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उर्मिला सनावर ने व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से रविदास धाम से संबंधित संपत्ति अपने नाम कराने और पांच करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मांग पूरी नहीं होने पर परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके अतिरिक्त, दीपिका ने सोशल मीडिया पर अपने और परिवार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक तथा मानहानिकारक टिप्पणियां किए जाने की बात कही। उनका आरोप है कि इन टिप्पणियों से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
इन आरोपों पर अभिनेत्री का पक्ष और उनका कोई विस्तृत आधिकारिक जवाब उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
सहारनपुर में दबिश, मोबाइल फोन बरामद
शिकायत के आधार पर रानीपुर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस ने सहारनपुर के गोविंद नगर स्थित आवास पर दबिश देकर उर्मिला सनावर को हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, कथित घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। कुछ प्रकाशित रिपोर्टों में आवास से सीसीटीवी की डीवीआर अपने कब्जे में लिए जाने की जानकारी भी दी गई है।
25 अक्टूबर को गिरफ्तारी की खबर सामने आई। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेत्री को अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस प्रकार, मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से क्या है संबंध ?
उर्मिला सनावर का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक अलग विवाद के कारण भी चर्चा में रहा है। वर्ष 2022 में पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के वनंत्रा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। इस मामले में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
हाल के दिनों में उर्मिला सनावर की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किए गए कथित ऑडियो और वीडियो तथा उनमें एक कथित ‘वीआईपी’ का उल्लेख चर्चा का विषय बना। इन दावों के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर से पूछताछ की है। दोनों ने 23 अक्टूबर को सीबीआई अदालत के समक्ष प्रस्तावित पॉलीग्राफ और नार्को-विश्लेषण परीक्षणों के लिए अपनी सहमति भी दी थी।
हालांकि, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े दावों और वर्तमान रंगदारी मामले को अलग-अलग समझना आवश्यक है। मौजूदा गिरफ्तारी का आधार दीपिका राठौर की शिकायत है। इस गिरफ्तारी से कथित ‘वीआईपी’ संबंधी दावों की पुष्टि नहीं होती और न ही उन दावों को स्वतः सही या गलत सिद्ध किया जा सकता है।
26 अक्टूबर को एक और प्राथमिकी की खबर
26 अक्टूबर को प्रकाशित अमर उजाला की एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून में सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम और अन्य व्यक्तियों के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर भी उर्मिला सनावर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। यह शिकायत और प्राथमिकी रंगदारी के आरोपों वाले मामले से अलग है। इस प्रकरण में भी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है।
द्वाराहाट में प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इसी बीच, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर द्वाराहाट के मुख्य बाजार में महिलाओं के प्रदर्शन की भी जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताया। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, विधायक मदन सिंह बिष्ट ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बदलाव का आह्वान किया। कांग्रेस ने इस रैली को आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
इस राजनीतिक प्रतिक्रिया को भी संबंधित दलों और वक्ताओं के बयानों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
आगे क्या महत्वपूर्ण होगा ?
अब इस मामले में जांच की दिशा, कथित डिजिटल साक्ष्यों की जांच, संबंधित पक्षों के बयान और अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। यह भी देखना होगा कि पुलिस की जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य सामने आते हैं।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े व्यापक विवाद में भी जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी, न्यायिक अभिलेख और सत्यापित साक्ष्य ही किसी दावे की पुष्टि के आधार होने चाहिए।
हिंदी विंडो का निष्कर्ष: उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम हैं। लेकिन गिरफ्तारी को दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता। किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
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