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युवा संकल्प दिवस: सीएम धामी ने युवाओं से लिए तीन संकल्प, विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में भागीदारी का आह्वान

युवा संकल्प दिवस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, AI स्किल, खेल और नशामुक्ति पर दिया जोर।

देहरादून, 16 सितंबर 2026। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं की भूमिका को विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण से जोड़ते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ाने की बात कही।

उत्तराखंड सूचना विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। अपने जन्मदिवस को “युवा संकल्प दिवस” के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं के बीच उपस्थित होने को अपने लिए विशेष अवसर बताया।

युवा शक्ति को विकास की आधारशिला बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संकल्प उत्तराखण्ड के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में आज की युवा पीढ़ी देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार विकसित भारत के लक्ष्य के साथ विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

शिक्षा से लेकर स्टार्टअप और खेल तक अवसरों पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या प्रदेश न छोड़ना पड़े। मुख्यमंत्री ने युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने वाला बनने का आह्वान किया।

राज्य सरकार की ओर से पहले से संचालित पलायन-रोधी योजनाओं में भी ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं और अन्य समूहों के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। उदाहरण के तौर पर मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत पलायन प्रभावित गांवों में स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रावधान है।

AI और डिजिटल तकनीक के दौर में आधुनिक कौशल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक रोजगार तथा उद्योग के स्वरूप को बदल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों को भी स्वरोजगार के संभावित क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी भी दी गई।

राज्य युवा आयोग को युवाओं की भागीदारी से जोड़ा

मुख्यमंत्री ने राज्य युवा आयोग को युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उनके अनुसार, युवाओं से जुड़ी नीतियों के निर्माण में उनकी आवाज और भागीदारी को स्थान मिलना चाहिए। आयोग से कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के साथ डिजिटल सशक्तिकरण तथा नशे और साइबर अपराध जैसी सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपेक्षा जताई गई।

खेलों में उत्तराखण्ड की पहचान का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में 38वें राष्ट्रीय खेल जनवरी-फरवरी 2025 में आयोजित हुए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक उपलब्धि सामग्री के अनुसार, यह राज्य में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन था और उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते थे।

राज्य के खेल विभाग के अनुसार प्रदेश में विभिन्न जिलों में स्टेडियम और बहुउद्देशीय खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं तथा खेल प्रशिक्षण के लिए संस्थागत ढांचा भी मौजूद है।

भर्ती प्रक्रियाओं और नकल विरोधी कानून का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा जरूरी है। प्रेस विज्ञप्ति में उनके हवाले से राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किए जाने का उल्लेख किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नियुक्ति के पीछे केवल एक पद या आंकड़ा नहीं होता, बल्कि उसके पीछे अभ्यर्थी की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा।

पहला संकल्प—जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करना।

दूसरा संकल्प—स्वयं नशे से दूर रहना और अपने साथियों को भी नशे से दूर रखने का प्रयास करना।

तीसरा संकल्प—जीवन में जिस भी क्षेत्र में सफलता मिले, वहां अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास के लिए समर्पित करना।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवा के किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक और अच्छा इंसान बनने को प्राथमिकता दें।

तकनीक के सकारात्मक इस्तेमाल की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से मोबाइल और डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल केवल मनोरंजन तक सीमित न रहे, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए भी किया जाए।

उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध आधी-अधूरी अथवा भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने और किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

CM DHAMI

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास और गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर और बृजभूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

हिंदी विंडो फैक्ट नोट: इस खबर में सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई बातों को उनके स्रोत के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। योजनाओं, कानूनों और नीतिगत फैसलों के प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन इस खबर का हिस्सा नहीं है।