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इंदौर में फर्जी IAS अफसर गिरफ्तार: 21 महिलाओं से संपर्क, घर के बाहर लगा रखी थी ‘District Collector’ की नेम प्लेट

इंदौर | 3 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के इंदौर में खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर कथित तौर पर लोगों पर रौब जमाने वाले 28 वर्षीय युवक को लसूड़िया थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान गुजरात के अहमदाबाद निवासी हिमांशु पांचाल के रूप में हुई है। वह इंदौर के ओमेक्स सिटी-1 स्थित शुभ आंगन प्रीमियम में किराये के मकान में रह रहा था।

आरोपी ने अपने घर के बाहर ‘IAS RAJ SONI – District Collector’ लिखी फर्जी नेम प्लेट लगा रखी थी। पुलिस जब उसके घर पहुंची और उससे IAS अधिकारी होने तथा उसकी कथित पदस्थापना से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई वैध प्रमाण पेश नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान उसके बयान बदलते रहे। पुलिस के अनुसार, बाद में उसने अपनी वास्तविक पहचान हिमांशु पांचाल के रूप में बताई और स्वीकार किया कि वह IAS अधिकारी नहीं है।

होटल में 16 लोगों को पार्टी, बिल चुकाने से पहले खुला राज

मामला उस समय सामने आया जब आरोपी इंदौर के एक पांच सितारा होटल में 16 लोगों के साथ पार्टी करने पहुंचा। पुलिस के मुताबिक पार्टी के बाद जब बिल चुकाने की बारी आई तो उसने खुद को IAS अधिकारी बताते हुए होटल कर्मचारियों पर कथित तौर पर रौब जमाया।

उसने कहा कि उसका निजी सहायक यानी PA करीब दो घंटे बाद आएगा और बिल का भुगतान कर देगा। लेकिन भुगतान को लेकर पैदा हुए विवाद और उसकी पहचान पर संदेह के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

इसके बाद लसूड़िया पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके दावों की जांच शुरू की। पुलिस टीम उसके किराये के मकान तक पहुंची, जहां बाहर फर्जी IAS और जिला कलेक्टर की नेम प्लेट लगी मिली।

घर से मिली फर्जी पहचान से जुड़ी सामग्री

पुलिस के मुताबिक मकान की तलाशी के दौरान कथित तौर पर फर्जी IAS नेम प्लेट, फोटो फ्रेम और कलेक्टर पद से संबंधित अन्य भ्रामक सामग्री मिली।

अन्य रिपोर्टों में घर के भीतर ‘सत्यमेव जयते’ जैसे शब्दों वाले फोटो फ्रेम का भी उल्लेख किया गया है। इन चीजों के जरिए आरोपी अपने आसपास के लोगों के सामने खुद को किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करता था।

मैट्रिमोनियल साइट्स पर भी बनाई थी फर्जी IAS पहचान

मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू जांच के दौरान सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने कुछ मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को IAS अधिकारी बताते हुए प्रोफाइल बनाई थी।

पुलिस जांच में अब तक करीब 21 महिलाओं से संपर्क किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस इन प्रोफाइल्स और संबंधित बातचीत की जांच कर रही है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 21 महिलाओं से संपर्क की जानकारी जांच का हिस्सा है। फिलहाल इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस जांच में सामने आए तथ्य के रूप में देखा जाना चाहिए।

खुद को ‘राज सोनी’ बताता था

पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों के सामने अपना नाम ‘राज सोनी’ बताता था और खुद को जिला कलेक्टर के रूप में पेश करता था।

जब पुलिस ने उससे IAS अधिकारी होने, उसकी कैडर और पदस्थापना से जुड़े दस्तावेज मांगे तो वह उन्हें उपलब्ध नहीं करा सका। पूछताछ के दौरान बयान बदलने के बाद उसने अपना वास्तविक नाम हिमांशु पांचाल बताया।

कुछ अन्य रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि वह लोगों पर प्रभाव डालने के लिए औपचारिक अंदाज, अंग्रेजी भाषा और अधिकारी जैसी जीवनशैली का प्रदर्शन करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी पहचान के जरिए उसने किसी अन्य व्यक्ति से आर्थिक या अन्य प्रकार का लाभ लिया या नहीं।

गुजरात में पहले से दर्ज है मामला

पुलिस के मुताबिक हिमांशु पांचाल के पुराने रिकॉर्ड की जांच के दौरान गुजरात के गांधीनगर जिले के अडालज थाने में 23 मई 2026 को दर्ज एक FIR की जानकारी सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार उस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(5) और 318(2) का उल्लेख है। गुजरात वाले मामले की प्रकृति और वर्तमान प्रकरण से उसके संबंध की भी जांच की जा रही है।

BNS की धारा 204 के तहत मामला

इंदौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा किसी लोक सेवक का प्रतिरूपण करने से संबंधित है।

कानून के अनुसार, जो व्यक्ति यह जानते हुए किसी लोक सेवक का पद धारण करने का झूठा दावा करता है कि वह उस पद पर नहीं है और उस झूठी पहचान के आधार पर कोई कार्य करता या करने का प्रयास करता है, उसके खिलाफ धारा 204 लागू हो सकती है। इस अपराध में छह महीने से कम नहीं और तीन वर्ष तक की सजा तथा जुर्माने का प्रावधान है।

पुलिस की जांच जारी

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी IAS अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल केवल सामाजिक रुतबा और प्रभाव हासिल करने के लिए किया था या इसके जरिए किसी व्यक्ति, होटल, नौकरी चाहने वालों या मैट्रिमोनियल साइट्स पर संपर्क किए गए लोगों से आर्थिक अथवा अन्य लाभ भी लिया गया।

पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, उसके ऑनलाइन प्रोफाइल और संपर्कों की भी जांच कर रही है।#HindiWindow
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