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देहरादून में ‘हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ : वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का सम्मान, गोरखा समाज के योगदान को किया याद

देहरादून में ‘हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव-2026

हाम्रो दशैं :

गोरखाली सुधार सभा के आयोजन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी शामिल हुए; नेपाल में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देने वालों को भी किया गया सम्मानित।

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित ‘हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में गोरखा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय सेना में उसके योगदान और सैनिक परिवारों के सम्मान का संदेश प्रमुखता से सामने आया। गोरखाली सुधार सभा की ओर से 17 अक्टूबर को मानेकशॉ सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर वीर नारियों, वीर माताओं, पूर्व सैनिकों और नेपाल में आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

वीर नारियों और सैनिक परिवारों को सम्मान

कार्यक्रम में उन परिवारों और लोगों के योगदान को सम्मान दिया गया, जिनका संबंध देश की रक्षा, सैनिक सेवा और आपदा के समय मानवीय सहायता से रहा है। वीर नारियां उन महिलाओं के लिए प्रचलित सम्मानसूचक शब्द है, जिन्होंने सैन्य सेवा के दौरान अपने पति को खोया है। वीर माताओं के माध्यम से शहीद सैनिकों की माताओं के बलिदान और योगदान को सम्मानित किया जाता है।

पूर्व सैनिकों का सम्मान भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। सैन्य सेवा पूरी करने के बाद पूर्व सैनिक अपने अनुभव, अनुशासन और सामाजिक भागीदारी के जरिए समाज में योगदान देते रहते हैं। हालांकि, इस आयोजन में सम्मानित किए गए सभी व्यक्तियों के नाम और सम्मान की श्रेणियों की पूरी सूची उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

देहरादून में ‘हाम्रो दशैं महोत्सव’

देहरादून में ‘हाम्रो दशैं महोत्सव’

                ( सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गढ़ी कैंट में वीर गोर्खा कल्याण समिति दूधली द्वारा आयोजित गोर्खा दशैं- दीपावली सांस्कृतिक महोत्सव-2024 में प्रतिभाग किया. नेपाल के राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा भी उपस्थित रहे )*फ़ाइल फ़ोटो

गोरखा समुदाय और भारतीय सेना का संबंध

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय सेना में गोरखाली समुदाय के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोरखा सैनिकों की सैन्य परंपरा लंबे समय से भारतीय उपमहाद्वीप के सैन्य इतिहास का हिस्सा रही है। भारतीय सेना में गोरखा रेजिमेंटों की अपनी विशिष्ट पहचान है। इस समुदाय की पहचान केवल सैन्य सेवा तक सीमित नहीं है; इसकी भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराएं भी क्षेत्र की विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समुदाय की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं। लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा, पर्व-त्योहार और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से परिचित हो सकते हैं।

सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर

मंत्री जोशी ने गोरखाली सुधार सभा के सामाजिक कार्यों की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि संस्था लंबे समय से समाज के कल्याण और उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सुरक्षित रखते हुए अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।रखा और नेपाली सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। यह परिवार, सामुदायिक एकजुटता, परंपरा और शुभकामनाओं से जुड़ा हुआ है। देहरादून जैसे शहर में इस तरह के आयोजन विभिन्न समुदायों को अपनी सांस्कृतिक पहचान साझा करने का अवसर देते हैं।

महोत्सव के दौरान मंत्री ने दशहरा और दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

नेपाल में आपदा राहत कार्यों में योगदान का सम्मान

कार्यक्रम में नेपाल में आई आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि सामुदायिक सहयोग का महत्व सांस्कृतिक आयोजनों से आगे बढ़कर मानवीय सहायता तक भी जाता है।

उपलब्ध रिपोर्ट में संबंधित आपदा का विस्तृत विवरण, राहत अभियान में शामिल सभी लोगों के नाम या उनके कार्यों का अलग-अलग ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए इन विवरणों को प्रकाशित करने से पहले आयोजकों से पुष्टि करना उचित होगा।

नेपाल राहत के लिए वेतन दान का उल्लेख

गोरखाली सुधार सभा ने नेपाल में आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक महीने का वेतन दान करने पर मंत्री गणेश जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया। रिपोर्ट के अनुसार, सभा ने उन्हें प्रशंसा-पत्र और सम्मान प्रदान किया।

यह उल्लेख कार्यक्रम के सांस्कृतिक पक्ष के साथ-साथ मानवीय सहयोग के पहलू को भी सामने लाता है। हालांकि, दान की राशि, हस्तांतरण की तारीख और संबंधित राहत अभियान की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।

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सामाजिक एकजुटता का संदेश

‘हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ ने संस्कृति, सैनिक सम्मान और सामाजिक सहयोग को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया। गोरखाली सुधार सभा की भूमिका ऐसे आयोजनों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के साथ-साथ समाजसेवा और पीढ़ियों के बीच संवाद को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में सभा के अध्यक्ष पदम थापा, ज्योति कोटिया, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुङ, प्रभा शाह तथा सभा के अन्य पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

देहरादून में आयोजित यह महोत्सव इस बात की याद दिलाता है कि किसी समुदाय की पहचान उसके इतिहास और परंपराओं के साथ-साथ उसके सामाजिक योगदान, मानवीय संवेदनाओं और साझा जिम्मेदारियों से भी बनती है।