अमेरिका में भारतीय मूल :
अमेरिकी जनगणना के नए अनुमानों में भारतीय मूल के समुदाय की बढ़ती मौजूदगी सामने आई। लेकिन केवल भारतीय मूल की पहचान बताने वाले लोगों और अन्य पहचान के साथ भारतीय मूल बताने वालों की संख्या में अंतर है।
हिंदी विंडो | अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों पर आधारित DD News की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका में केवल भारतीय मूल या एशियाई भारतीय के रूप में अपनी पहचान बताने वाले लोगों की अनुमानित संख्या बढ़कर लगभग 54.1 लाख हो गई। वहीं, भारतीय मूल के साथ किसी अन्य नस्लीय या जातीय समूह से भी अपनी पहचान बताने वाले लोगों को शामिल करने पर यह संख्या लगभग 59.1 लाख तक पहुंच जाती है।
ये आंकड़े अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की उल्लेखनीय मौजूदगी की ओर संकेत करते हैं। हालांकि, इन संख्याओं को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि अमेरिकी जनगणना ब्यूरो अलग-अलग श्रेणियों में जनसंख्या का अनुमान प्रकाशित करता है। इसलिए किसी एक आंकड़े को पूरे भारतीय मूल के समुदाय की अंतिम संख्या मान लेना उचित नहीं होगा।
क्या कहती है अमेरिकी जनगणना की रिपोर्ट ?
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के American Community Survey यानी ACS के नए एक-वर्षीय अनुमानों में 2025 के दौरान केवल एशियाई भारतीय के रूप में पहचान बताने वाले लोगों की संख्या करीब 54.1 लाख दर्ज की गई। रिपोर्ट में 2024 के लिए यह संख्या लगभग 50.9 लाख बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अनुमानों के बीच एक वर्ष में तीन लाख से अधिक का अंतर दिखाई देता है। हालांकि, सर्वेक्षण के अनुमानों में त्रुटि की गुंजाइश भी होती है। इसलिए इन आंकड़ों की तुलना करते समय सर्वेक्षण की पद्धति, नमूने और संबंधित सांख्यिकीय सीमाओं को ध्यान में रखना चाहिए।
इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो भारतीय मूल के साथ किसी अन्य नस्लीय या जातीय समूह से अपनी पहचान बताते हैं, तो 2025 में यह संख्या करीब 59.1 लाख हो जाती है। यह अंतर बताता है कि जनसंख्या के आंकड़े केवल इस बात पर निर्भर नहीं करते कि कितने लोग भारतीय मूल के हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करते हैं कि सर्वेक्षण में उनकी पहचान किस तरह दर्ज की गई है।
2024 के आंकड़ों से क्या तुलना बनती है ?
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो ने अपने 2026 के Asian American and Pacific Islander Heritage Month संबंधी तथ्य-पत्र में 2024 के लिए लगभग 56 लाख एशियाई भारतीय मूल के लोगों का अनुमान प्रकाशित किया था। इस व्यापक श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने केवल भारतीय मूल की पहचान बताई या भारतीय मूल के साथ किसी अन्य नस्लीय अथवा जातीय समूह की पहचान भी दर्ज कराई।
दूसरी ओर, Pew Research Center की मई 2025 में प्रकाशित तथ्य-पत्र के अनुसार, वर्ष 2023 में अमेरिका में भारतीय मूल के लगभग 52 लाख लोग थे। Pew के विश्लेषण में 2023 के लिए भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगभग 48.6 लाख भी बताई गई है, जब उसकी अलग-अलग जनसांख्यिकीय गणना और उपलब्ध सार्वजनिक उपयोग वाले सर्वेक्षण डेटा का इस्तेमाल किया गया।
इन संख्याओं में अंतर का एक प्रमुख कारण यह है कि अलग-अलग स्रोत अलग गणना-पद्धतियों और जनसंख्या श्रेणियों का उपयोग कर सकते हैं। इसलिए 2023, 2024 और 2025 के आंकड़ों को एक ही पद्धति के अंतर्गत रखकर देखना जरूरी है।
अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की भूमिका
भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय की उपस्थिति तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, शोध, व्यवसाय और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में दिखाई देती है। इस समुदाय में भारत से जाकर बसे लोग, अमेरिका में जन्मे भारतीय मूल के नागरिक और भारतीय पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
हालांकि, केवल जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर किसी समुदाय के आर्थिक योगदान, राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक स्थिति का पूरा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए रोजगार, आय, शिक्षा, उद्यमिता, नागरिक भागीदारी और अन्य विषयों पर उपलब्ध अलग-अलग आंकड़ों का अध्ययन जरूरी होता है।
भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती संख्या भारत और अमेरिका के बीच सामाजिक संबंधों, शिक्षा, व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। लेकिन जनसंख्या में वृद्धि के कारणों को समझने के लिए प्रवासन, जन्मदर, परिवारों के बसने और पहचान संबंधी बदलावों जैसे कारकों की जांच आवश्यक है।
अमेरिका में किन राज्यों में भारतीय मूल के लोग अधिक हैं ?
रिपोर्ट में कैलिफोर्निया को भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य बताया गया है। इसके बाद टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और इलिनॉय का उल्लेख किया गया है। इन राज्यों में तकनीकी उद्योग, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और बड़े शहरी रोजगार केंद्रों की मौजूदगी भारतीय मूल के लोगों के निवास से संबंधित व्यापक संदर्भ प्रदान करती है।
फिर भी, राज्यवार आंकड़ों की तुलना करते समय यह देखना जरूरी है कि आंकड़े केवल भारतीय मूल की पहचान बताने वालों के हैं या उनमें अन्य पहचान के साथ भारतीय मूल बताने वाले लोग भी शामिल हैं। इसी तरह, सर्वेक्षण का वर्ष भी स्पष्ट होना चाहिए।
जनगणना के आंकड़ों को कैसे समझें ?
American Community Survey अमेरिका में जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आय, आवास और स्वास्थ्य बीमा सहित अनेक विषयों पर अनुमान जुटाता है। यह सर्वेक्षण हर वर्ष प्रकाशित होता है और इसे दस वर्ष में होने वाली पूर्ण अमेरिकी जनगणना से अलग समझना चाहिए।
ACS के एक-वर्षीय और पांच-वर्षीय अनुमानों में भी अंतर हो सकता है। एक-वर्षीय अनुमान किसी विशेष वर्ष की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जबकि पांच-वर्षीय अनुमान अधिक समय के आंकड़ों को जोड़कर छोटे क्षेत्रों की जनसंख्या संबंधी जानकारी देने में उपयोगी होता है।
इसलिए भारतीय मूल के अमेरिकियों की संख्या से जुड़ी खबर पढ़ते समय तीन बातें देखना जरूरी है—आंकड़ा किस वर्ष का है, किस श्रेणी के लोगों को गिना गया है और किस सर्वेक्षण या विश्लेषण से संख्या प्राप्त हुई है।
निष्कर्ष
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी के बारे में DD News की रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय बदलाव की ओर ध्यान दिलाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में केवल भारतीय मूल की पहचान बताने वाले लोगों का अनुमान लगभग 54.1 लाख और व्यापक पहचान श्रेणी में लगभग 59.1 लाख है।
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के प्रकाशित आंकड़े भी भारतीय मूल के समुदाय की बड़ी और बढ़ती मौजूदगी को रेखांकित करते हैं। लेकिन सटीक तस्वीर के लिए आंकड़ों की परिभाषा, वर्ष और सर्वेक्षण की पद्धति को साथ देखना आवश्यक है।
हिंदी विंडो का निष्कर्ष: आंकड़े महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी सही व्याख्या उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। विश्वसनीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल बड़ी संख्या बताना नहीं, बल्कि यह स्पष्ट करना है कि वह संख्या क्या दर्शाती है और उसकी सीमाएं क्या हैं।
स्रोत: DD News; U.S. Census Bureau; Pew Research Center।













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