हिंदी विंडो

हिंदी में दुनिया, दुनिया में हिंदी…!

Advertisement

इंडोनेशिया में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत देगा भारत का वानतारा, 10 मोबाइल अस्पताल और Way Kambas Elephant Centre का होगा आधुनिकीकरण

भारत के वानतारा और इंडोनेशिया के बीच बढ़ा सहयोग; Way Kambas में हाथियों के अस्पताल का आधुनिकीकरण, स्थानीय विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाने पर जोर

इंडोनेशिया ने अपनी विशाल जैव विविधता और वन्यजीवों के स्वास्थ्य एवं संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए भारत के वानतारा (Vantara) के साथ सहयोग को व्यापक रूप दिया है। इंडोनेशिया के वन मंत्रालय के अनुसार, इस साझेदारी में वन्यजीव चिकित्सा, तकनीकी विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय अधिकारियों एवं वन्यजीव कर्मियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। सहयोग में इंडोनेशियाई वन्यजीव संगठन Fauna Land Indonesia भी शामिल है।

इस साझेदारी की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में देश के अलग-अलग प्राकृतिक आवासों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए 10 मोबाइल वन्यजीव अस्पताल यानी Hospitals on Wheels उपलब्ध कराना शामिल है। इसका उद्देश्य ऐसे दूरस्थ इलाकों में घायल या बीमार वन्यजीवों तक उपचार और पशु-चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है, जहां स्थायी अस्पताल तक पहुंच आसान नहीं होती।

Way Kambas में हाथियों के इलाज की सुविधाएं होंगी आधुनिक

साझेदारी के तहत इंडोनेशिया के लैम्पुंग प्रांत स्थित Way Kambas National Park के Elephant Hospital को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए Elephant Treatment and Care Centre के रूप में विकसित करने की योजना है।

Way Kambas का Elephant Hospital विशेष रूप से सुमात्रा के हाथियों की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यहां स्थित Prof. Dr. Ir. Rubini Atmawidjaja Elephant Hospital को 2012 में स्थापित किया गया था और इसे इंडोनेशिया तथा एशिया के शुरुआती समर्पित हाथी अस्पतालों में गिना जाता है।

नए सहयोग के तहत केंद्र में उपकरण, चिकित्सा तकनीक और हाथियों के उपचार एवं देखभाल की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। दिसंबर 2025 में इंडोनेशियाई अधिकारियों और वानतारा की टीम ने Way Kambas की मौजूदा सुविधाओं का आकलन भी किया था। उस समय विशेषज्ञों ने हाथियों को सुरक्षित रूप से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विशेष Elephant Ambulance की जरूरत भी रेखांकित की थी।

स्थानीय विशेषज्ञों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

साझेदारी का एक अहम हिस्सा Capacity Building है। इसके अंतर्गत इंडोनेशिया के पशु चिकित्सकों, हाथी देखभालकर्ताओं यानी महावतों, वन्यजीव अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसका मकसद केवल अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर ऐसी विशेषज्ञता विकसित करना है जिससे वन्यजीवों की बीमारी की शुरुआती पहचान, उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।

सुमात्रा के हाथियों के सामने बीमारी का भी खतरा

यह सहयोग ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब Sumatran Elephant को आवास के नुकसान और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी पुरानी चुनौतियों के साथ-साथ गंभीर बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

दिसंबर 2025 में इंडोनेशियाई वन मंत्रालय ने वानतारा के विशेषज्ञों को Elephant Endotheliotropic Herpesvirus (EEHV) से जुड़े मामलों की रोकथाम और हाथियों के स्वास्थ्य आकलन में सहयोग के लिए बुलाया था। यह बीमारी विशेष रूप से युवा हाथियों के लिए गंभीर और कई मामलों में घातक हो सकती है।

वानतारा और इंडोनेशियाई अधिकारियों ने शुरुआती चरण में Buluh Cina Nature Tourism Park में हाथियों का स्वास्थ्य आकलन, बीमारी की शुरुआती पहचान, preventive measures और स्वास्थ्य संबंधी baseline data तैयार करने पर काम किया। इस प्रयास को आगे Tesso Nilo National Park, Sebanga और Way Kambas जैसे अन्य हाथी क्षेत्रों तक बढ़ाने की बात भी सामने आई थी।

सुविधाओं का मालिकाना हक इंडोनेशिया सरकार के पास रहेगा

इस सहयोग की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि साझेदारी के तहत स्थापित सुविधाओं और कार्यक्रमों का स्वामित्व एवं प्रबंधन इंडोनेशियाई सरकार और संबंधित स्थानीय अधिकारियों के पास रहेगा। सहयोग को इंडोनेशिया की अपनी राष्ट्रीय संरक्षण प्राथमिकताओं, कानूनों और नीतियों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।

इसका अर्थ है कि वानतारा मुख्य रूप से विशेषज्ञता, तकनीकी सहयोग, पशु-चिकित्सा ज्ञान, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे से संबंधित सहायता उपलब्ध कराएगा, जबकि स्थानीय संरक्षण व्यवस्था का संचालन इंडोनेशियाई संस्थाओं के हाथ में रहेगा।

🐘 सुमात्रा के हाथी क्यों महत्वपूर्ण हैं ?

सुमात्रा हाथी, एशियाई हाथी की एक उपप्रजाति है और इसका वैज्ञानिक नाम Elephas maximus sumatranus है। इसके सामने प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने और टुकड़ों में बंटने की बड़ी चुनौती है।

इंडोनेशियाई अधिकारियों के अनुसार हाथियों के आवासों की संख्या और उनका आपसी संपर्क लंबे समय में काफी घटा है, इसलिए केवल अस्पताल बनाना पर्याप्त नहीं होगा। संरक्षण के लिए habitat connectivity, ecological corridors, बीमारी की निगरानी, मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी जरूरी है।