Asian Games 2026: रोशिबिना देवी का शानदार प्रदर्शन, वुशु में भारत को मिला रजत पदक
वुशु की 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में रोशिबिना देवी को फाइनल में चीन की झांग शियाओयू से हार मिली, लेकिन लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला वुशु खिलाड़ी बनीं।
नागोया, जापान | 24 सितंबर 2026:
जापान में आयोजित Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का पदक अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को भारत की वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किलोग्राम सांडा स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस प्रदर्शन के साथ रोशिबिना ने एशियन गेम्स में लगातार तीसरी बार पदक जीतकर भारतीय वुशु के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।
रोशिबिना देवी का एशियन गेम्स में पदक जीतने का सिलसिला 2018 के जकार्ता-पालेमबांग खेलों से शुरू हुआ था। उस समय उन्होंने महिलाओं की 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने इसी वर्ग में रजत पदक हासिल किया। अब आइची-नागोया एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीतकर उन्होंने लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने का सिलसिला कायम रखा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला वुशु खिलाड़ी बन गई हैं।
फाइनल में चीन की खिलाड़ी से मिली चुनौती
महिलाओं की 60 किग्रा सांडा स्पर्धा के फाइनल में रोशिबिना का सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ। झांग ने मुकाबले के दोनों राउंड में 5-0 के स्कोर से बढ़त बनाई और मुकाबला 2-0 से अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक जीता। रोशिबिना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
फाइनल का परिणाम भले ही भारत के पक्ष में स्वर्ण पदक के रूप में नहीं आया, लेकिन रोशिबिना का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में उन्होंने मकाऊ की चू मान सिन को 5-0 से हराया था। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने वियतनाम की 2023 विश्व चैंपियन गुयेन थी थू थुई को भी मात दी।
भारत के लिए 2026 एशियन गेम्स में 14वां पदक
रोशिबिना का रजत पदक भारत के लिए आइची-नागोया एशियन गेम्स में 14वां पदक बना। 24 सितंबर को उपलब्ध पदक तालिका के अनुसार भारत के खाते में 1 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य, यानी कुल 14 पदक थे। इनमें शूटिंग का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है, जबकि क्रिकेट में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता और मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया।
रोशिबिना का पदक भारत के वुशु अभियान के लिए भी विशेष महत्व रखता है। उनकी लगातार उपलब्धियां बताती हैं कि उन्होंने एशियन गेम्स के तीन अलग-अलग संस्करणों में अपनी निरंतरता बनाए रखी है। 2018 में कांस्य के बाद 2022/2023 हांगझोऊ संस्करण में रजत और अब 2026 में फिर रजत—यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक बने रहने की क्षमता को दर्शाता है।
चोट और टीम में जगह को लेकर भी रहा घटनाक्रम
इस एशियन गेम्स से पहले रोशिबिना का भारतीय टीम में शामिल होना भी चर्चा का विषय रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, महिलाओं की 60 किग्रा सांडा श्रेणी के लिए शुरुआती चयन में दिव्यांशी चौधरी का नाम था। बाद में चोट के कारण उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। रिपोर्टों में बताया गया कि दिव्यांशी को घुटने में गंभीर चोट लगी थी और वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने चिकित्सकीय आधार पर बदलाव किया।
इस चयन प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए थे। कुछ रिपोर्टों में दिव्यांशी की ओर से लगाए गए आरोपों का उल्लेख है, जबकि वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने चयन में बदलाव को चिकित्सकीय आधार पर लिया गया निर्णय बताया। इन दावों और जवाबों को अलग-अलग पक्षों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रोशिबिना के करियर की खास उपलब्धि
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले से आने वाली रोशिबिना देवी ने वुशु की सांडा विधा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। 2018 में उनका पहला एशियन गेम्स पदक आया और इसके बाद उन्होंने लगातार अगले दो संस्करणों में भी पदक जीते। 2023 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
सांडा वुशु की वह स्पर्धा है जिसमें प्रहार, किक और थ्रो जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इस खेल में गति, संतुलन, शारीरिक नियंत्रण और रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
रोशिबिना के लिए 2026 एशियन गेम्स का रजत पदक केवल एक और पदक नहीं है, बल्कि लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने की निरंतरता का प्रमाण है। फाइनल में स्वर्ण से चूकने के बावजूद उन्होंने भारतीय वुशु के इतिहास में अपना नाम एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ दर्ज कराया है।
Hindi Window निष्कर्ष:
आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत का अभियान आगे भी जारी है। रोशिबिना देवी का रजत पदक भारत की पदक तालिका में एक और इजाफा है और उनकी उपलब्धि भारतीय वुशु के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है। 24 सितंबर 2026 तक भारत के खाते में 14 पदक दर्ज हो चुके हैं—1 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य।












