नई दिल्ली, 6 अगस्त।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पाकिस्तान से प्रतिबंधित आयात को तीसरे देशों के माध्यम से भारत भेजने के एक कथित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, डीआरआई ने कांडला बंदरगाह पर लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की 13 कंटेनरों में भरी लगभग 364 मीट्रिक टन सूखे खजूर की खेप जब्त की है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आयात दस्तावेजों में इन खजूरों का मूल देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दर्शाया गया था, जबकि जांच एजेंसी का दावा है कि इनका वास्तविक स्रोत पाकिस्तान था।
डीआरआई के अनुसार, कथित तौर पर पहले यह माल पाकिस्तान से दुबई भेजा गया, जहां कंटेनरों को बदलकर और नए दस्तावेज तैयार कर इसे भारत के लिए निर्यात किया गया। एजेंसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पाकिस्तान से आयात पर लागू भारतीय प्रतिबंधों से बचना तथा माल के वास्तविक मूल देश को छिपाना था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और संबंधित आयातकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पिछले सप्ताह भी डीआरआई ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर लगभग 1.4 करोड़ रुपये मूल्य की करीब 14 मीट्रिक टन गुग्गुल राल की संदिग्ध खेप पकड़ी थी। उस मामले में भी दस्तावेजों में माल को सोमालिया मूल का बताया गया था, जबकि जांच में उसके पाकिस्तान से आने की बात सामने आई थी।
गुग्गुल राल एक दुर्लभ वन उत्पाद है जिसे CITES Appendix-II में सूचीबद्ध किया गया है तथा IUCN Red List में इसे अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) श्रेणी में रखा गया है। डीआरआई ने उस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने तीसरे देशों के माध्यम से कथित रूप से प्रतिबंधित वस्तुओं की आपूर्ति और सीमा शुल्क दस्तावेजों में कथित हेराफेरी को लेकर नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
















