नई दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के प्रति अपना स्पष्ट एवं दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है। मध्य पूर्व की स्थिति पर आयोजित खुली बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि भारत एक संप्रभु, स्वतंत्र, व्यवहार्य और शांतिपूर्ण फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का समर्थन करता है, जो इज़राइल के साथ सुरक्षित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर सह-अस्तित्व में रह सके।
अपने संबोधन के दौरान पी. हरीश ने विशेष रूप से गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया का ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े घटनाक्रमों की ओर अवश्य है, लेकिन इससे गाजा में जारी गंभीर मानवीय त्रासदी की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की लगातार हो रही मौतें, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का विनाश पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस दिशा में तत्काल और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
पहली बार यूएनएससी में भारतीय प्रतिनिधि ने अरबी भाषा में दिया संबोधन
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि पहली बार किसी भारतीय राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अरबी भाषा में भाषण दिया।
पी. हरीश ने अपनी अरबी भाषा की शिक्षा मिस्र स्थित अमेरिकन यूनिवर्सिटी इन काहिरा से प्राप्त की है। इससे पहले वे गाजा स्थित भारत के प्रतिनिधि कार्यालय में भी कार्य कर चुके हैं, जिसके कारण क्षेत्रीय परिस्थितियों का उन्हें व्यावहारिक अनुभव है।
फिलिस्तीन को भारत की सहायता
भारत ने वर्षों से फिलिस्तीन के विकास और मानवीय सहायता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पी. हरीश के अनुसार भारत अब तक लगभग 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता उपलब्ध करा चुका है।
इस सहायता में शामिल हैं-
- विकास परियोजनाएं
- मानवीय राहत सहायता
- फिलिस्तीनी इंस्टीट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी का निर्माण
- यूएनआरडब्ल्यूए (UNRWA) को योगदान
तीन नई विकास परियोजनाओं की घोषणा
हाल ही में ब्रसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भारत ने तीन नई परियोजनाओं का समर्थन करने की घोषणा की-
- स्पेशलिटी हॉस्पिटल
- आर्टिफिशियल लिंब फिटमेंट सेंटर
- वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
राजनीतिक समाधान पर भारत का रुख
भारत ने स्पष्ट किया कि मानवीय सहायता के साथ-साथ इस लंबे संघर्ष का स्थायी समाधान केवल राजनीतिक प्रक्रिया से ही संभव है।
पी. हरीश ने कहा कि भारत का मानना है कि सुरक्षित तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर एक स्वतंत्र एवं व्यवहार्य फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना ही इस संघर्ष का स्थायी समाधान है।
महत्वपूर्ण तथ्य
क्या हुआ?
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराया।
किसने कहा?
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने।
मुख्य संदेश
- गाजा में मानवीय संकट पर चिंता
- दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन
- फिलिस्तीन को भारत की निरंतर सहायता
- पहली बार भारतीय प्रतिनिधि ने अरबी में संबोधन दिया।











