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निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय के खोखे में मिला शव; पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संदेह

Surendra Koli Death: हरिद्वार में चाय के खोखे में मिला सुरेंद्र कोली का शव, निठारी कांड के बाद ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था

निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की 18 सितंबर 2026 को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव चाय के खोखे में मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संदेह है, जबकि पोस्टमार्टम और जांच जारी है।

निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय के खोखे में मिला शव; ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था

हरिद्वार: वर्ष 2006 के चर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक उसका शव सप्तसरोवर मार्ग क्षेत्र में एक चाय के खोखे के भीतर मिला। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच के बाद होगी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, कोली ने घटना से करीब तीन दिन पहले ही चाय का खोखा किराये पर लिया था। वह हरिद्वार में कुछ समय से रह रहा था और स्थानीय स्तर पर ‘सदाराम’ नाम से अपनी पहचान बता रहा था। पुलिस को उसके बैग से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी वास्तविक पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई। एक पहचान पत्र में सदाराम नाम दर्ज था, जबकि आधार कार्ड में सुरेंद्र कोली का नाम और नोएडा का पता दर्ज था।

पुलिस के अनुसार, कोली पिछले करीब तीन महीने से हरिद्वार में रह रहा था। रिपोर्टों में बताया गया है कि उसने कुछ समय सिडकुल क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड के तौर पर भी काम किया था। बाद में उसने भूपतवाला क्षेत्र में चाय का काम शुरू किया।

पुलिस को सुबह मिली सूचना

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस को सप्तसरोवर मार्ग स्थित चाय की दुकान के भीतर एक व्यक्ति के मृत पाए जाने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हरिद्वार के सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अब तक उपलब्ध रिपोर्टों में किसी सुसाइड नोट की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस और फोरेंसिक जांच आगे बढ़ रही है।

निठारी कांड से कैसे जुड़ा था सुरेंद्र कोली?

निठारी कांड दिसंबर 2006 में तब राष्ट्रीय स्तर पर सामने आया, जब नोएडा के सेक्टर-31 स्थित एक मकान के पीछे नाले और आसपास के क्षेत्र से मानव अवशेष बरामद हुए। मामले की जांच में सुरेंद्र कोली और मकान मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर के नाम सामने आए। कोली उस मकान में घरेलू सहायक के रूप में काम करता था।

इस मामले में कोली पर कई गंभीर आपराधिक आरोप लगे और अलग-अलग मामलों में उसे दोषी ठहराकर मृत्युदंड तक सुनाया गया। हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसके खिलाफ अभियोजन के साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठे। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 संबंधित मामलों में कोली को बरी कर दिया। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन मामलों में राज्य की अपीलें खारिज कर दीं। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के फैसले में अदालत ने उसी साक्ष्य-आधार पर पहले और बाद के फैसलों में उत्पन्न विरोधाभास को महत्वपूर्ण माना और अंतिम मामले में कोली को बरी कर दिया।

मौत पर उठे सवाल भी सामने आए

सुरेंद्र कोली की मौत के बाद निठारी मामले की एक पीड़िता के पिता झब्बू लाल ने पुलिस की प्रारंभिक आत्महत्या वाली थ्योरी पर सवाल उठाते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग की है। यह आरोप फिलहाल पुलिस द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं है।

इसलिए फिलहाल तथ्य यही है: सुरेंद्र कोली हरिद्वार में मृत मिला है, पुलिस की प्रारंभिक जांच आत्महत्या की ओर इशारा करती है और पोस्टमार्टम/जांच के बाद मौत की परिस्थितियों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।