राम मंदिर चढ़ावा :

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और कीमती सामान के कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपे जाने के दो दिन बाद की गई।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम राम जन्मभूमि थाने में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन की शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी तथा आपराधिक साजिश जैसे आरोप दर्ज किए हैं।
दान पेटियों से जुड़े कार्य में थे शामिल
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सभी आरोपी मंदिर परिसर में स्थापित दान पेटियों से प्राप्त नकदी और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी दौरान श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता और गबन किया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है तथा उन्हें जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इन नामों का FIR में उल्लेख नहीं
एफआईआर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा तथा मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के नाम शामिल नहीं हैं। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान एसआईटी ने इन तीनों से भी पूछताछ की थी।
13 जून से शुरू हुई थी जांच
मामले की शुरुआत 13 जून को दान व्यवस्था में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद हुई थी। इसके बाद ट्रस्ट ने स्वयं सरकार से निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया था।
तीन सदस्यीय एसआईटी की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। टीम में लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार भी शामिल रहे।
जांच दल ने दान संग्रह, नकदी की गिनती, सुरक्षित रख-रखाव, निगरानी व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों की जांच की। साथ ही इस प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों एवं अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।
आगे बढ़ेगी आपराधिक जांच
सूत्रों के अनुसार अब जांच आपराधिक अभियोजन के अगले चरण में प्रवेश करेगी। पुलिस वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी, आरोपियों से पूछताछ जारी रखेगी और कथित रूप से धन के दुरुपयोग की पूरी श्रृंखला का पता लगाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो मामले में और गिरफ्तारियां तथा अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
















