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“हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं”: PM मोदी ने घायल कैप्टन स्मित माछर से की बात, बताया साहस की मिसाल

“हम भारतीय जान लेने वाले नहीं

“हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, : Flydubai FZ1073 घटना में घायल कैप्टन स्मित माछर ने बताया—गंभीर चोटों के बावजूद आखिरी कोशिश कर कॉकपिट का दरवाजा खोला; PM मोदी ने साहस और सूझबूझ की सराहना की !

30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की उड़ान FZ1073 में हुई गंभीर कॉकपिट घटना के बाद घायल भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माछर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की। इस दौरान कैप्टन माछर ने उस मुश्किल क्षण को याद किया, जब गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट तक पहुंचने और विमान को नियंत्रण में लाने में मदद करने के लिए आखिरी प्रयास किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन माछर के साहस, धैर्य और मुश्किल परिस्थिति में तेजी से निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनकी सलामती की कामना कर रहा है और उनके साहस ने कई लोगों की जान बचाने में मदद की। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा—“हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं।”

क्या हुआ था Flydubai की फ्लाइट में ?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार Flydubai की उड़ान FZ1073 30 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान में एक घटना हुई। Flydubai ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि विमान को Tabuk Airport की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरलाइन ने कहा कि सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित थे तथा घटना के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बाद की रिपोर्टों में सामने आया कि घटना कॉकपिट के भीतर हुई थी और कैप्टन स्मित माछर गंभीर रूप से घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट के साथ हुए संघर्ष के बीच विमान कुछ समय के लिए गंभीर स्थिति में पहुंच गया था। हालांकि, घटना के पूरे तकनीकी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

घायल होने के बावजूद कॉकपिट तक पहुंचे कैप्टन

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में कैप्टन माछर ने उस समय का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि वह गंभीर चोटों के कारण फर्श पर गिर गए थे। लेकिन अपने विमानन अनुभव के आधार पर उन्हें महसूस हुआ कि विमान नीचे जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उस समय उनके मन में एक ही बात थी—कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचना होगा। गंभीर चोटों और हमले के बावजूद उन्होंने आगे बढ़कर दरवाजा खोलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, इसके बाद अन्य लोगों ने भी कॉकपिट तक पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की।

माछर ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और करीब 11 वर्षों से कैप्टन हैं। उनके अनुसार, विमान की स्थिति को समझने के अपने अनुभव ने उन्हें यह महसूस करने में मदद की कि तत्काल कार्रवाई जरूरी थी।

“मैं अपने लिए लड़ रहा था, लेकिन यात्रियों को मरने नहीं दे सकता था”

कैप्टन माछर ने बातचीत में बताया कि उस समय वह खुद भी जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन उन्हें यह भी पता था कि अगर विमान नियंत्रण से बाहर होता है तो उसमें सवार लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें लगा कि विमान नीचे जा रहा है और उन्हें कॉकपिट तक पहुंचने के लिए “एक आखिरी कोशिश” करनी होगी। उनके मुताबिक, गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने दरवाजे तक पहुंचकर उसे खोलने में सफलता हासिल की।

PM मोदी ने कहा—“हम भारतीय जान बचाने वाले हैं”

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन माछर के साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ ही क्षणों में महत्वपूर्ण फैसले लिए और कई लोगों की जान बचाने में योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश कैप्टन माछर के साहस पर गर्व करता है। इसी बातचीत में उन्होंने कहा कि “हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं।” यह टिप्पणी प्रधानमंत्री की ओर से कैप्टन माछर की भूमिका और घटना के दौरान उनके साहस के संदर्भ में की गई थी।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया में केवल कैप्टन माछर ही नहीं, बल्कि अन्य यात्रियों, क्रू और बाद में विमान को संभालने वाले लोगों की भी भूमिका बताई गई है। खुद माछर ने बातचीत में कहा कि अन्य लोगों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

PM मोदी ने की परिवार और इलाज की जानकारी

बातचीत में प्रधानमंत्री ने कैप्टन माछर के परिवार से हुई अपनी बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि भारत उन्हें वापस आने का इंतजार कर रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर कैप्टन उनसे संपर्क कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा 1 अक्टूबर को जारी आधिकारिक जानकारी में भी कैप्टन माछर के साहस की सराहना की गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया तथा उनकी बहादुरी ने बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।

Hanuman Chalisa का भी किया जिक्र

बातचीत के दौरान कैप्टन माछर ने बताया कि बेहद कठिन परिस्थितियों में खुद को शांत रखने के लिए वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि डर महसूस होने पर उन्हें हनुमान चालीसा याद आती है और घटना के दौरान भी उन्होंने इसका पाठ किया।

उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने दो वर्षीय बेटे के साथ नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विदेश में रहने के बावजूद परिवार ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की कोशिश की है।

आधिकारिक रिकॉर्ड में क्या पुष्टि हुई है ?

इस घटना के संबंध में अभी तक सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक पुष्टि Flydubai की है। एयरलाइन ने कहा है कि FZ1073 में 30 सितंबर को घटना हुई, विमान को Tabuk की ओर डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित रूप से उतारा गया। एयरलाइन के अनुसार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित थे।

वहीं, प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट ने कैप्टन माछर के साहस और दूसरों की जान बचाने में उनकी भूमिका की पुष्टि करते हुए प्रधानमंत्री के बयान प्रकाशित किए हैं।

घटना के कारणों, कॉकपिट में संघर्ष की पूरी परिस्थितियों और विमान की तकनीकी स्थिति से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। इसलिए इन पहलुओं पर अभी किसी अंतिम निष्कर्ष को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष

Flydubai FZ1073 की घटना ने विमान में आपात स्थिति के दौरान मानवीय निर्णय, प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व को सामने रखा है। कैप्टन स्मित माछर के अनुसार, गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की क्योंकि उन्हें विमान की स्थिति बिगड़ने का अंदेशा था।

प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस की सराहना करते हुए उन्हें भारत के लिए गर्व का विषय बताया। वहीं, आधिकारिक स्रोतों से यह पुष्टि होती है कि विमान सुरक्षित रूप से Tabuk में उतरा और यात्रियों तथा चालक दल को सुरक्षित निकाला गया। घटना की विस्तृत परिस्थितियों पर आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।