
उत्तराखंड की बेटी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। चमोली जिले की पावरलिफ्टर मुन्नी देवी ने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड स्थित किमोठा गांव की रहने वाली मुन्नी देवी ने 70 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने फुल पावरलिफ्टिंग और बेंच प्रेस दोनों स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया।
प्रतियोगिता में पाकिस्तान, थाईलैंड सहित कुल 18 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच मुन्नी देवी ने अपनी ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
मुन्नी देवी की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों और पर्वतीय क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद लगातार कठिन मेहनत और अनुशासित प्रशिक्षण के बल पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है।
उनका खेल करियर पहले से ही कई उपलब्धियों से भरा हुआ है। वह राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा एशियाई पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी हैं। अब विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने शानदार रिकॉर्ड में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी है।
मुन्नी देवी की इस सफलता पर खेल जगत, जनप्रतिनिधियों और प्रदेशवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।















