उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना ने निर्माण कार्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 104 किलोमीटर लंबाई वाली 16 मुख्य सुरंगों में से लगभग 101 किलोमीटर की खुदाई और निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि परियोजना के तहत लगभग 98 किलोमीटर लंबी 12 आपातकालीन (एस्केप) सुरंगों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिनमें से 95 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
लगभग 125 किलोमीटर लंबी ब्रॉड गेज रेल लाइन उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी। यह रेल परियोजना ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग जैसे महत्वपूर्ण शहरों एवं धार्मिक स्थलों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
यह परियोजना रणनीतिक और पर्यटन—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे चारधाम यात्रा, स्थानीय पर्यटन, व्यापार, रोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों तक तेज़ एवं सुरक्षित पहुंच को मजबूती मिलेगी।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सुरंगों के माध्यम से बनाया जा रहा है। कठिन हिमालयी भूभाग को देखते हुए आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही पुल, आपातकालीन निकास मार्ग, वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा तथा आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को वर्षभर बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होने की उम्मीद है।

















